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विद्युत नियामक आयोग द्वारा प्रतिवर्ष जनसुनवाई का नाटकआखिर क्यों? – जवाहरलाल शर्मा

By Tamishree Mukherjee

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जवाहरलाल शर्मा
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सोशल संवाद / जमशेदपुर : जवाहरलाल शर्मा का कहना है मैं पिछले अनेकों वर्षों से झारखंड विद्युत नियामक आयोग द्वाराबिजली का टेरिफ बढ़ाए जाने अथवा नहीं बढ़ाए जानेके मुद्दे पर जनसुनवाई सभा में सक्रिय भागीदार रहा हूँ। मैंने तथा कई अन्य लोगों ने टेरिफ बढ़ोतरी के खिलाफ जोरदार पक्ष व सबूत रखते हुए विरोध किया है। 

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वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे लोग जो संभवत कंपनी द्वारा प्रायोजित होते हैं ऐसे ऐसे तर्क कंपनी द्वारा दी जा रही बिजली का गुणगान करने में बोलते हैं कि आश्चर्य   के साथ हंसी भी आती है पर खैर यह उनका प्रजातांत्रिक अधिकार है, वे ऐसा कर सकते हैं पर जो लोग तथ्यों और दस्तावेजों के साथ  बिजली की मूल्य वृद्धि का विरोध करते हैं और उन्हें आश्वासन भी दिया जाता है कि आपकी बातों पर गौर किया जाएगा मसलन पिछले वर्ष टाटा पावर मुनाफे में रही है।

समाचार पत्रों में छपी रिपोर्ट के मुताबिक उसके बावजूद पिछले अनेकों वर्षों की तरह इस बार भी बिजली दर में वृद्धि कर दी गई। ऐसे में प्रश्न उठता है कि जनसुनवाई का औचित्य ही क्या है? जब सब कुछ एकतरफा ही करना है।

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