सोशल संवाद/डेस्क : छोटे बच्चों की सेहत का ध्यान रखते समय माता-पिता अक्सर साफ-सफाई और पोषण पर फोकस करते हैं, लेकिन ओरल हेल्थ को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। खासतौर पर नए माता-पिता के मन में यह सवाल जरूर आता है कि दांत निकलने के कितने समय बाद बच्चों को ब्रश कराना चाहिए। कई लोग यह मान लेते हैं कि दूध के दांत तो गिर ही जाएंगे, इसलिए उनकी देखभाल जरूरी नहीं। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल उलट है।

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दांत निकलने की उम्र और देखभाल की शुरुआत
आमतौर पर बच्चों के पहले दांत 6 महीने की उम्र के आसपास निकलने लगते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, जैसे ही मसूड़ों से दांत की नोक दिखे, उसी समय से उसकी सफाई शुरू कर देनी चाहिए। शुरुआती देखभाल से न केवल दांत स्वस्थ रहते हैं, बल्कि आगे चलकर स्थायी दांतों की नींव भी मजबूत होती है।
दांत आने से पहले भी जरूरी है सफाई
दांत निकलने से पहले भी बच्चों के मसूड़ों में बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इसलिए हर बार दूध पिलाने के बाद साफ और गीले सूती कपड़े या मलमल से मसूड़ों को हल्के हाथ से पोंछना फायदेमंद होता है। इससे मुंह की सफाई बनी रहती है और दांत निकलने में भी परेशानी कम होती है।
बच्चों को कब और कैसे कराएं ब्रश
जब पहला दांत निकल आए, तब आप इन बातों का ध्यान रखें:
- बच्चों के लिए बना सॉफ्ट ब्रिसल वाला छोटा टूथब्रश इस्तेमाल करें
- शुरुआत में फिंगर ब्रश भी अच्छा विकल्प हो सकता है
- 3 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए चावल के दाने जितनी मात्रा में फ्लोराइड टूथपेस्ट पर्याप्त है
- दिन में दो बार हल्के हाथ से ब्रश कराएं
- ब्रश कराते समय बच्चे को अकेला न छोड़ें
बच्चों में बढ़ती दांतों की समस्याएं क्यों?
आजकल छोटी उम्र में ही बच्चों में कैविटी, दांत दर्द, सूजन और समय से पहले दांत गिरने की समस्या बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण है बदलती लाइफस्टाइल, ज्यादा मीठा खाना, पैकेज्ड फूड और ओरल हाइजीन की कमी। मीठे बिस्किट, टॉफी, चॉकलेट और जूस दांतों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं।
खानपान का भी है सीधा असर
सिर्फ ब्रश ही नहीं, बल्कि सही खानपान भी बच्चों के दांतों के लिए जरूरी है।
दांतों के लिए फायदेमंद फूड्स:
- दूध और डेयरी प्रोडक्ट
- फल और हरी सब्जियां
- अंडा और पनीर
- घर का बना ताजा भोजन
आधुनिक तकनीक भी आ रही काम
आज के समय में बच्चों के लिए खास इलेक्ट्रिक टूथब्रश भी उपलब्ध हैं, जो सही समय तक ब्रश करने में मदद करते हैं। इसके अलावा फ्लोराइड ट्रीटमेंट, पिट और फिशर सीलेंट जैसी तकनीकें बच्चों के दांतों को लंबे समय तक सुरक्षित रखती हैं।
कब कराएं पहला डेंटल चेकअप?
डेंटल एक्सपर्ट्स के अनुसार, बच्चे का पहला दंत परीक्षण 1 साल की उम्र तक जरूर करवा लेना चाहिए। इससे दांतों की ग्रोथ पर नजर रखी जा सकती है और भविष्य की गंभीर समस्याओं से बचाव संभव है।
माता-पिता की भूमिका सबसे अहम
बच्चों में अच्छी आदतें वही सीखते हैं, जो वे घर में देखते हैं। अगर माता-पिता खुद नियमित रूप से ब्रश करते हैं और ओरल हेल्थ को महत्व देते हैं, तो बच्चे भी उसे अपनाते हैं।










