सोशल संवाद / जमशेदपुर: गोविंदपुर जलापूर्ति योजना अंतर्गत पिछले 3 दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप रहने के कारण लगभग 21 पंचायतों की 2 लाख से अधिक की ग्रामीण आबादी भीषण पेयजल संकट से जूझ रही है। प्रचंड जनसमस्या और ग्रामीण क्षेत्रों में मचे हाहाकार को देखते हुए आज स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से मुलाकात की और उन्हें इस गंभीर समस्या से विस्तार से अवगत कराया।
जुस्को (JUSCO) को सौंपा जाए योजना का संचालन: डॉ. परितोष सिंह
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष सिंह ने उपायुक्त के समक्ष गोविंदपुर जलापूर्ति योजना के स्थायी समाधान की मांग रखी। डॉ. सिंह ने जोर देते हुए कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की उदासीनता और प्रशासनिक बदहाली के कारण आए दिन गोविंदपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में जलापूर्ति ठप हो जाती है। पूर्व में भी विभाग की लापरवाही और पाइपलाइन मरम्मत में देरी के कारण हजारों परिवारों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ा है। विभाग के पास न तो त्वरित मरम्मत की कोई ठोस कार्ययोजना है और ना ही इसके सुचारू संचालन की इच्छाशक्ति।
डॉ. परितोष सिंह ने प्रमुखता से मांग की कि गोविंदपुर जलापूर्ति योजना का संचालन और रखरखाव अविलंब ‘जुस्को’ (Tata Steel UISL) को सौंपा जाए, ताकि ग्रामीणों को निर्बाध, नियमित और शुद्ध पेयजल आपूर्ति मिल सके।
विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को अवगत कराया कि पिछले 3 दिनों से पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद रहने के बावजूद पेयजल स्वच्छता विभाग के अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में चापाकल और अन्य पारंपरिक जल स्रोत भी मांग पूरी करने में असमर्थ हैं, जिससे हर तरफ त्राहि-त्राहि मची हुई है। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल नहीं की गई और संचालन व्यवस्था में गुणात्मक सुधार नहीं हुआ, तो जनप्रतिनिधि ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
उपायुक्त से मिलने प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से डॉ. परितोष सिंह ,कुसुम पूर्ति (जिला परिषद सदस्य),शिव हंसदा (उप प्रमुख), राखी सिंह सरदार ,रणजीत कुमार (मुखिया),सतवीर सिंह बग्गा, रैना पूर्ति,मनोज यादव,रवि कुरली (पंचायत समिति सदस्य), विभा सिंह,कृष्ण सैंडिल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।











