सोशल संवाद / रांची : झारखंड में 100 साल पुराने स्कूल-कॉलेज हेरिटेज के रूप में चिन्हित होंगे। इसके विकास के लिए केंद्र सरकार ने पहल की है। झारखंड में 100 साल पुराने स्कूल और कॉलेज कितने हैं, उसके आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार लिस्ट जुटा रही है। केंद्र सरकार ऐसे संस्थानों को हेरिटेज के रूप में पहचान दिलाकर उसे संरक्षित करेगी। जिलावार संस्थानों की लिस्ट तैयार की जा रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद ये कार्यवाही की जा रही है।
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100 से अधिक वर्ष पुराने सरकारी विद्यालयों से संबंधित आवश्यक जानकारी मांगीः जिलों को निर्देश दिया गया है कि केंद्र सरकार ने राज्य में चलने वाले 100 से अधिक वर्ष पुराने सरकारी विद्यालयों की पहचान कर उनसे संबंधित आवश्यक
जानकारी मांगी है। ऐसे स्कूलों के लिए जिला, प्रखंड का नाम, विद्यालय का यू-डाइस प्लस कोड, स्कूल का नाम, स्कूल का पूरा पता, विद्यालय की स्थापना का वर्ष देना होगा। वहीं, कॉलेजों के लिए जिला, संस्थान का नाम, पता, नैक का ग्रेड और स्थापना वर्ष बताना होगा।
धरोहर के रूप में हो सकेगा इस्तेमालः केंद्र सरकार का मानना है कि ये पुराने संस्थान भारत की शैक्षणिक यात्रा, स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक बदलावों के जीवंत गवाह रहे हैं। सरकार इनके ऐतिहासिक महत्व का दस्तावेजीकरण करना चाहती है। 100 से अधिक वर्ष के पुराने स्कूलों की पहचान होने के बाद इन स्कूलों की स्थापना, उनके पुराने ऐतिहासिक दस्तावेज, दुर्लभ किताबों और उनके शैक्षणिक योगदान से जुड़ी जानकारियों को डिजिटल और भौतिक रूप से सुरक्षित किया जाएगा। 100 साल पुराने होने के कारण इन संस्थानों की इमारतें जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी हैं।
हेरिटेज के क्या होंगे फायदे
- पुरातत्व विशेषज्ञों या संबंधित विभागों की मदद से इनके मूल स्वरूप को नुकसान पहुंचाए बिना जीर्णोद्धार किया जाएगा।
- विशेष रखरखाव, आधुनिक प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर और बुनियादी सुविधाओं को उन्नत करने को अलग से बजट या फंड भी।










