सोशल संवाद / जमशेदपुर : पतंजलि का दूध बिस्कुट, किंडर जॉय, सफोला कुकिंग ऑयल, रेड बुल, स्टिंग, मॉन्स्टर, गेटोरेड और अमूल शुगर-फ्री आइसक्रीम जैसे रोजमर्रा के खाद्य उत्पादों को लेकर बाजार में बड़ी हलचल है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने भ्रामक दावों और गलत लेबलिंग के कारण 115 खाद्य उत्पादों को चिह्नित कर उनके उपलब्ध स्टॉक को बाजार से रिकॉल (वापस लेने) का सख्त निर्देश दिया है।
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एफएसएसएआई और झारखंड के खाद्य सुरक्षा आयुक्त के आदेश के बाद जमशेदपुर में भी कार्रवाई शुरू हो गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा साकची, सोनारी, कदमा और जुगसलाई के दुकानों, थोक वितरकों तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चिह्नित उत्पादों की जांच की जा रही है। कई प्रतिष्ठानों में एफएसएसएआई की ओर से चिन्हित उत्पादों का स्टाक मिला। इन्हें तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया है। एक दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया है। अभियान फूड सेफ्टी ऑफिसर संजय कुमार के नेतृत्व में चल रहा है।
यहां करें शिकायत : मोबाइल एपः फूड सेफ्टी कनेक्ट टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरः 1800-11-2100
दावों पर क्यों उठे सवाल?
पतंजलि दूध बिस्कुटः पैकेट पर 100% आटा होने के दावे पर आपत्ति जताई गई है। किंडर जॉयः मिल्क सॉलिड्स से जुड़े दावों की सत्यता को लेकर सवाल। सफोला टोटल हार्ट प्रोः हार्ट हेल्थ से जुड़े दावों की नियामकीय जांच। रॉ प्रेसरी मैंगो ड्रिंकः नो एडेड शुगर (बिना अतिरिक्त चीनी) के दावे पर आपत्ति। रेड बुल, स्टिंग, मॉन्स्टर, गेटोरेडः एनर्जी ड्रिंक और स्पोर्ट्स ड्रिंक के रूप में किए गए वर्गीकरण व दावों के नियमों का उल्लंघन ।










