सोशल संवाद / जमशेदपुर : भारतीय रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष में मानव संसाधन में कटौती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल कार्यालयों को स्वीकृत पदों में 2 प्रतिशत पद सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इसके तहत दक्षिण पूर्व रेलवे जोन में 98,341 स्वीकृत पदों में से 1967 पद खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।इसका असर चक्रधरपुर रेल डिवीजन पर भी पड़ेगा, जहां करीब 400-450 पद कम हो सकते हैं। देशभर में कुल मिलाकर करीब 30 हजार पद घटने का अनुमान है।
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पदों की कटौती से काम का दबाव बढ़ेगा, संचालन पर भी असर संभव
पदों में कटौती से कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ेगा, जिसका सीधा असर सुरक्षा और ट्रेनों के समय पर संचालन पर पड़ सकता है। रेलवे पहले से सीमित संसाधनों में काम कर रहा है, ऐसे में पद घटाने की बजाय रिक्त पदों को भरना ज्यादा जरूरी है। खासकर सेफ्टी कैटेगरी ऑपरेशन, मेंटेनेंस, सिग्नलिंग और ट्रैक मेंटेनेंस में कमी से जोखिम बढ़ सकता है। इससे दीर्घकाल में रेलवे की कार्यक्षमता और सेवा गुणवत्ता प्रभावित होगी। जिन क्षेत्रों में पहले से स्टाफ की कमी है, वहां यात्रियों को असुविधा और ट्रेनों के संचालन में देरी की आशंका बढ़ सकती है।
किस जोन में कितने पद होंगे कम
- दक्षिण पूर्व रेलवे जोन 1967
- सेंट्रल रेलवे 2492
- ईस्ट कोस्ट रेलवे 1239
- दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे 1184
- दक्षिण मध्य रेलवे 1908
- दक्षिण पश्चिम रेलवे 908
- पश्चिम रेलवे 2339
- नार्दन रेलवे 3303
- वेस्ट सेंट्रल रेलवे 1311
- नार्थ इस्टर्न रेलवे 1194









