सोशल संवाद/डेस्क: Odisha में बहुचर्चित भ्रष्टाचार प्रकरण में Odisha Vigilance की टीम ने एक वरिष्ठ अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नकदी और सोने के आभूषण जब्त किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, घर के अलग-अलग हिस्सों और ट्रॉली बैगों से नोटों की गड्डियाँ बरामद हुईं, जिन्हें गिनने में बैंककर्मियों और विजिलेंस टीम को घंटों मशक्कत करनी पड़ी।
यह भी पढ़ें: 27 फरवरी सुबह 8 बजे से महाकाउंटिंग! झारखंड के 48 निकायों में 1309 टेबलों पर किसकी कुर्सी
तलाशी के दौरान कुल 4 करोड़ 27 लाख रुपये नकद मिलने की पुष्टि हुई है। इसे विभाग के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी बताया जा रहा है। नोटों की गिनती के लिए मशीनें लगाई गईं, हालांकि अधिक मात्रा के कारण मशीनें भी बीच-बीच में रुकती रहीं।
सूत्रों के मुताबिक, संबंधित अधिकारी ने वर्ष 2004 में माइनिंग ऑफिसर के तौर पर सेवा शुरू की थी। शुरुआती वेतन लगभग 8 हजार रुपये प्रतिमाह था। बीते दो दशकों में वे बलांगीर, बारिपदा, ब्रह्मपुर, कटक और फुलबाणी समेत कई जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे। दिसंबर 2025 से वे कटक में उप-निदेशक के पद पर कार्यरत थे।
बताया जाता है कि हाल ही में एक कोयला कारोबारी से 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए उन्हें रंगे हाथ पकड़ा गया, जिसके बाद यह व्यापक छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान 15 से अधिक बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों, फिक्स्ड डिपॉजिट और डाकघर निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। एक बैंक लॉकर की जांच अभी बाकी है।
फिलहाल आयकर विभाग और तकनीकी विशेषज्ञों के सहयोग से संपत्ति के स्रोत की जांच जारी है। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों से भी मदद ली जा सकती है। इस घटना के बाद राज्य में वरिष्ठ अधिकारियों की संपत्ति को लेकर नई बहस छिड़ गई है।










