सोशल संवाद / जमशेदपुर : झारखंड के कोल्हान प्रमंडल के घने जंगलों में पुलिस ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर नक्सल विरोधी अभियान शुरू कर दिया है। करीब नौ वर्ष बाद सुरक्षा बलों ने पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के सीमावर्ती जंगलों में लगभग 400 जवानों को उतारकर नक्सलियों के खिलाफ व्यापक घेराबंदी शुरू की है। अभियान का मुख्य उद्देश्य शीर्ष नक्सली नेता आकाश के दस्ते, उसके सुरक्षित ठिकानों, हथियारों के भंडार और मूवमेंट कॉरिडोर को पूरी तरह ध्वस्त करना है। यह कार्रवाई झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल पुलिस के समन्वय से चलाई जा रही है।
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पुलिस मुख्यालय के अनुसार, कुछ महीनों में सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में लगातार चलाए गए अभियान के कारण नक्सल संगठन कमजोर हुआ है। इसके बाद बचे हुए नक्सलियों ने पूर्वी सिंहभूम और सीमावर्ती जंगलों में गतिविधियां बढ़ाने का प्रयास किया। खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली है कि शीर्ष नक्सली आकाश का दस्ता इन इलाकों सक्रिय है। इसी इनपुट के आधार पर जंगलों में फिर से बड़े स्तर पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। दो दिन पहले चाईबासा में डीजीपी ने वरिष्ठ पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारियों के साथ लंबी समीक्षा बैठक की थी।
33 इनामी नक्सली शेष
आंकड़ों के अनुसार, एक समय झारखंड में 274 इनामी नक्सली सक्रिय थे, लेकिन लगातार अभियान, आत्मसमर्पण और मुठभेड़ के कारण उनकी संख्या तेजी से घटी है। वर्ष 2026 की संशोधित सूची में राज्य में 33 इनामी नक्सली शेष बताए गए हैं, जिनपर एक करोड़ रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक के इनाम घोषित हैं। इनमें अधिकांश पश्चिमी सिंहभूम और सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय माने जाते हैं।










