सोशल संवाद / जमशेदपुर : एनसीएलटी के आदेश पर आरपी पंकज टिबरेवाल ने केबुल कंपनी के पुनरुद्धार की प्रक्रिया शुरु कर दी है। इसके तहत आरपी ने कर्मचारियों के दावों का भुगतान भी शुरू किया है। मंगलवार को आरपी ने करीब 600 कर्मचारियों के खातों में राशि भेजना शुरु कर दिया है।
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इसी के साथ कंपनी के क्वार्टरों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू हो गई है। कब्जाधारियों को क्वार्टर छोड़ने के लिए नोटिस भी थमा दिया गया है। पैसा मिलने के दूसरे ही दिन कब्जाधारियों के साथ कुछ स्थानीय लोगों ने बुधवार दोपहर 1 बजे कंपनी गेट पर पहुंचकर हंगामा किया। कंपनी में घुसकर सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की तक की। लोगों का कहना है कि कंपनी के अधिकारी आकर कर्मचारी नेताओं से बात करें। उनका कहना है कि कोई क्वार्टर खाली नहीं करेगा। कर्मचारियों का कहना है कि उनका जो भी बकाया है, कंपनी को देना होगा। कर्मचारियों को पूरा पैसा चाहिए। इधर, हंगामे की सूचना पर गोलमुरी पुलिस कंपनी गेट पर पहुंची।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद करीब एक घंटे के बाद सभी वापस लौटे। इसके पहले सीडब्ल्यूए में कंपनी के एक अधिकारी ने इन लोगों के साथ बैठक की। बैठक में लोगों को घर खाली नहीं करने, पैसा भेजने के लिए आरपी द्वारा मांगे जानेवाली दस्तावेज को नहीं देने, किसी भी कागज पर हस्ताक्षर नहीं करने को कहा। इस निर्णय के बाद वहां से निकलकर लोग कंपनी के गेट पर पहुंचे और हंगामा शुरू किया। दूसरी ओर, कंपनी खुलने और पैसा मिलने से उत्साहित कर्मचारियों ने कहा कि सारी प्रक्रिया एनसीएलटी की निगरानी में हो रही है। अगर हमसे से किसी को किसी प्रकार की दिक्कत है तो नियमानुसार एनसीएलटी जाना चाहिए। लेकिन कंपनी के खुलने में खलल नहीं डालना चाहिए। सूत्रों का कहना है कि इस घटना को प्रबंधन ने भी गंभीरता से लिया है।










