सोशल संवाद / डेस्क : उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सीमांचल एक्सप्रेस से जुड़ा एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। चलती ट्रेन की इमरजेंसी खिड़की से 9 महीने का मासूम नीचे गिर गया। करीब 23 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद शनिवार को फैजुल्लापुर स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक किनारे बच्चे का शव बरामद हुआ।
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मां बच्चे को दूध पिलाते-पिलाते सो गई थी
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में रहने वाले मोहन कुमार अपनी पत्नी काजल और 9 महीने के बेटे के साथ आनंद विहार से बिहार जा रहे थे। परिवार सीमांचल एक्सप्रेस के S-1 कोच में सफर कर रहा था।
फतेहपुर के फैजुल्लापुर स्टेशन के पास हादसा उस समय हुआ, जब पिता शौचालय गए थे और मां बच्चे को दूध पिलाते-पिलाते सो गई थीं। पुलिस के अनुसार, बच्चा मां के पास से पीछे की ओर खिसका और खुली इमरजेंसी खिड़की से नीचे गिर गया।
पिता ने चेन पुलिंग की कोशिश की, यात्रियों पर रोकने का आरोप
बच्चे के गायब होने का पता चलने के बाद पिता ने उसे तलाशने की कोशिश की। पिता का आरोप है कि उन्होंने खागा और सिराथू के बीच चेन पुलिंग करने की कोशिश की, लेकिन यात्रियों और एस्कॉर्ट ने जंगल का इलाका होने का हवाला देकर उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।
इसके बाद दंपती प्रयागराज स्टेशन पहुंचे और जीआरपी को घटना की जानकारी दी।
रातभर चला सर्च ऑपरेशन
सूचना मिलने के बाद जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की टीमों ने रेलवे ट्रैक के आसपास बच्चे की तलाश शुरू की। रातभर सर्च अभियान चलाया गया। शनिवार को भी पुलिस और रेलवे की टीमें तलाशी में जुटी रहीं।
करीब 23 घंटे बाद फैजुल्लापुर स्टेशन के पास झाड़ियों में मासूम का शव मिला। पुलिस के अनुसार, बच्चे के सिर में चोट आने की बात सामने आई है।
पोस्टमार्टम में देरी पर डीएम ने लिया संज्ञान
शव मिलने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में देरी को लेकर भी परिवार ने परेशानी जताई। रिपोर्ट के मुताबिक, जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने मामले का संज्ञान लेते हुए जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
तीन साल बाद गांव जा रहा था परिवार
गमगीन पिता ने बताया कि शादी के बाद से वह पत्नी के साथ दिल्ली में रह रहे थे। बेटे के जन्म के बाद करीब तीन साल बाद परिवार अपने पैतृक गांव जा रहा था। लेकिन रास्ते में हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं।










