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सावन को लेकर शिवालयों और मंदिरों में तैयारी पूरी, गेरुआ वस्त्रों से पटा बाजार

By Annu kumari

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  • ज्यादातर में की गई विद्युत सज्जा, लगाए गए बैरिकट
  • अधिकतर मंदिरों के पट सुबह पांच बजे खुल जायेंगे, दिनभर जलाभिषेक होगा
    रूद्राभिषेक, कलश यात्रा व विशेष पूजा की तैयारी,
  • सावन को लेकर बाजारों की बढ़ी रौनक भी बढ़ गयी – गेरुआ वस्त्रों और पूजन सामग्री से पटा बाजार

सोशल संवाद/ डेस्क: सावन को लेकर बाजार भी तैयार है, कांवर यात्रा के लिए खूब शॉपिंग भी हो रही है। केसरिया रंग की पोशाक अक्सर लोग सावन के पवित्र महीने में पहनने का शौक रखते हैं। केसरिया रंग के कपड़ों की डिमांड सावन भर रहती है महिलाएं भी इस रंग की साड़ी और सूट की खरीददारी करती हैं कलश यात्रा या फिर भजन कीर्तन के दौरान और पूजा के लिए महिलाएं ज्यादातर केसरिया और हरे रंग के साड़ी खूब पसंद करती है। इनकी कीमत 200 से शुरू है और 5000 रुपए तक मिल रही है। कुछ डिजाइनर टीशर्ट 800 रुपए रेंज तक में बिक रही हैं।

शिवकी तस्वीर, त्रिशूल, डमरु वाली टीशर्ट खूब पसंद किए जा रहे हैं। ग्राहकों की पसंद को देखते हुए टीशर्ट, कार्गो पैंट और थ्री क्वार्टर पैंट बाजर में मिल रहे हैं।

इस बार भगवान शिव को समर्पित सावन की शुरुआत 11 जुलाई से हो रही है। इसको लेकर विभिन्न शिवालयों और मंदिरों तैयारी अंतिम चरण में है,मंदिरों में रंग रोगन और विद्युत साज की गई है। श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के वक्त कोई समस्या और तकलीफ ना हो इसके लिए बड़े-बड़े मंदिरों में बैरिकेडिंग की गई है। अधिकतर मंदिरों के पट सुबह पांच बजे खुल जायेंगे। इसके बाद दिनभर जलाभिषेक होगा। कई मंदिरों में रूद्राभिषेक व विशेष पूजा की तैयारी है। उधर, सावन को लेकर बाजारों की रौनक भी बढ़ गयी है।

श्रावण मास में पूजा-अर्चना से शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। प्रथम सोमवारी को लेकर क्षेत्र के शिवालयों में पूजा-अर्चना की विशेष तैयारी की गई है। वहीं कांवरियों का जत्था भी देवघर रवाना हो गया है। गेरुआ वस्त्रों और पूजन सामग्री से बाजार पट गया है। सावन महीना का पहला सोमवार होने के कारण शिवालयों में सुबह से ही भक्त मंदिरों की ओर उमड़ेंगे। पारडीह काली मंदिर का पट सुबह 4 बजे खुलेगा, समाधि स्थल पर रुद्राभिषेक : सुबह 9 बजे शुरू होगा। रंकिणी मंदिर कदमा सुबह 5 बजेपट खुलेगा।

साकची शीतला मंदिर सुबह 6 बजे पूजा अर्चना और अभिषेक के लिए पट खोले जाएंगे भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार और महा आरती संध्या 5 बजे शुरू होगी इसके अलावा मनोकामना मंदिर साक्षी सुबह 5 बजे पूजा के लिए पाठ खोले जाएंगे, कचहरी बाबा, बर्मामाइंस स्थित देवस्थान, मौनी बाबा मंदिर, कदमा शास्त्रीनगर जटाधारी शिव मंदिर, टेल्को आजाद मार्केट स्थित शिवधाम कावर मंदिर, गोलमुरी स्थित पशुपतिनाथ मंदिर, टिनप्लेट काली मंदिर स्थित शिवालय सहित शहर के सभी शिवालयों में विशेष तैयारियां की गई हैं। वहीं कई मंदिरों से पहले दिन कलश यात्रा निकाली जाएगी स्वर्ण रेखा, दो मोहनी घाट से जल भरकर बाबा भोलेनाथ को जलाभिषेक किया जाएगा।

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