सोशल संवाद / जमशेदपुर : जवाहरलाल शर्मा द्वारा दायर रिट याचिका (सिविल) संख्या 483/2025, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 243Q(1) और झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 481 के प्रावधान की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है, जिसमें दिनांक 28.12.2023 की जमशेदपुर को एक औद्योगिक टाउनशिप घोषित करने की अधिसूचना को रद्द करने के लिए और झारखंड राज्य को जमशेदपुर के लिए एक नगर निगम का गठन करने का निर्देश देने के आदेश की मांग की गयी है।

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22.01.2026 को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था। सभी पक्षों के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद, माननीय न्यायालय ने जवाहरलाल शर्मा द्वारा भारत संघ को एक प्रतिवादी के रूप में शामिल करने के लिए दायर आवेदन को अनुमति दे दी। भारत सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है और जवाहरलाल शर्मा को उसके बाद अपना प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। मामले को छह सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है।










