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दलमा अभयारण्य में मानवता की मिसाल: सुखी टुडू ने नन्हे हाथी को पिलाया दूध, ममता भरे दृश्य ने छुआ दिल

By Aditi Pandey

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Sukhi Tudu fed milk to a baby elephant दलमा

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सोशल संवाद/डेस्क: झारखंड के दलमा वाइल्ड लाइफ अभयारण्य से मानवता और करुणा की एक भावुक तस्वीर सामने आई है। यहां दिवंगत आंदोलनकारी साथी कपूर बागी जी की माँ और दिशोम गुरुजी की बहन सुखी टुडू ने एक नन्हे हाथी के बच्चे को अपने हाथों से दूध पिलाकर इंसानियत की मिसाल पेश की। इस दृश्य ने न केवल वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया, बल्कि प्रकृति और मनुष्य के बीच गहरे संबंध की भी याद दिलाई।

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बताया जा रहा है कि जंगल के बीच असहाय और भूखे नजर आए हाथी के बच्चे को देखकर सुखी टुडू का मातृत्व जाग उठा। उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के उसे दूध पिलाया, मानो वह कोई वन्य जीव नहीं बल्कि उनका अपना बच्चा हो। उस पल में इंसान और जानवर के बीच का फर्क मिटता हुआ नजर आया और केवल ममता का रिश्ता दिखाई दिया।

सुखी टुडू का यह कदम आदिवासी संस्कृति और दर्शन की उस परंपरा को दर्शाता है, जिसमें जंगल को माँ और उसके हर जीव को परिवार का हिस्सा माना जाता है। यह घटना बताती है कि आदिवासी समाज हमेशा से प्रकृति के संरक्षण और सह-अस्तित्व की भावना को प्राथमिकता देता आया है।

गौरतलब है कि कपूर बागी जी ने अपने जीवनकाल में अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया था। आज उनकी माँ के इस संवेदनशील कार्य को लोग उनकी विरासत से जोड़कर देख रहे हैं एक ऐसी विरासत, जो संघर्ष के साथ-साथ करुणा और जीवन के प्रति सम्मान का संदेश देती है।

ऐसे समय में जब वन क्षेत्र लगातार कम हो रहे हैं और वन्यजीवों के सामने अस्तित्व का संकट गहराता जा रहा है, दलमा से आई यह तस्वीर समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देती है प्रकृति और जीव-जंतुओं की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह घटना न केवल एक नन्हे हाथी के जीवन से जुड़ी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि यदि इंसान चाहे, तो वह संवेदनशीलता और प्रेम के जरिए इस धरती को सभी जीवों के लिए सुरक्षित बना सकता है।

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