सोशल संवाद/डेस्क: UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 को लेकर एक हैरान करने वाला विवाद सामने आया है। ब्रह्मोश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह ने दावा किया है कि उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की है। वहीं इसी नाम की एक अन्य आकांक्षा सिंह भी खुद को असली उम्मीदवार बता रही हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों के एडमिट कार्ड पर रोल नंबर और क्यूआर कोड तक एक जैसे बताए जा रहे हैं, जिससे मामला और उलझ गया है।

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हालांकि इस तरह का विवाद पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले साल 2022 में भी यूपीएससी रिजल्ट को लेकर दो ऐसे मामले सामने आए थे। पहला मामला बिहार और हरियाणा के दो तुषार कुमार के बीच था। दोनों ने 44वीं रैंक मिलने का दावा किया था। बाद में संघ लोक सेवा आयोग ने स्पष्ट किया कि बिहार के तुषार कुमार असली उम्मीदवार थे, जबकि हरियाणा के तुषार कुमार प्रारंभिक परीक्षा में ही असफल हो गए थे।
इसी तरह 2022 में ही आयशा फातिमा और आयशा मकरानी के बीच भी 184वीं रैंक को लेकर विवाद हुआ था। जांच में सामने आया कि आयशा मकरानी ने दस्तावेजों में हेरफेर किया था और वह प्रारंभिक परीक्षा में ही असफल हो गई थीं। वहीं आयशा फातिमा को आयोग ने वास्तविक उम्मीदवार मानते हुए 184वीं रैंक के साथ चयनित घोषित किया था। अब 2025 में आकांक्षा सिंह को लेकर सामने आए इस नए विवाद ने यूपीएससी रिजल्ट की पारदर्शिता और सत्यापन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।









