सोशल संवाद / डेस्क : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध के कारण अब भारत में भी इसका असर दिखाई देने लगा है। कमर्शियल एलपीजी (LPG) गैस की कमी के चलते कई शहरों में होटल-रेस्तरां और अन्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

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बेंगलुरु में होटल और रेस्तरां बंद होने की नौबत
बेंगलुरु होटल एसोसिएशन के अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति अचानक रुक गई है। इसके कारण कई होटल और रेस्तरां को अपने संचालन बंद करने की चेतावनी देनी पड़ी है, क्योंकि खाना बनाने के लिए गैस सबसे जरूरी संसाधन है।
होटल मालिकों का कहना है कि अगर जल्द गैस आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो शहर के अधिकांश होटल बंद हो सकते हैं, जिससे आम लोगों और यात्रियों को परेशानी हो सकती है।
पुणे में गैस आधारित शवदाह गृह बंद
गैस संकट का असर सिर्फ होटल उद्योग तक सीमित नहीं है। पुणे नगर निगम ने शहर के गैस आधारित 20 से ज्यादा शवदाह गृह अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि गैस की कमी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए इलेक्ट्रिक और लकड़ी आधारित शवदाह गृह चालू रखे गए हैं।
मिडिल ईस्ट युद्ध से प्रभावित हुई गैस सप्लाई
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे संघर्ष के कारण तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसका असर भारत में कमर्शियल LPG की उपलब्धता पर भी पड़ा है।
भारत दुनिया के बड़े LPG आयातकों में से एक है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय संकट का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिल रहा है।
घरेलू गैस सप्लाई को दी जा रही प्राथमिकता
स्थिति को देखते हुए सरकार ने घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इसी वजह से होटल-रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक उपयोग के लिए गैस की उपलब्धता कम हो गई है।
आगे क्या हो सकता है
अगर वैश्विक संकट लंबे समय तक जारी रहा तो देश के कई शहरों में होटल उद्योग और अन्य सेवाओं पर इसका असर बढ़ सकता है। उद्योग संगठनों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने और गैस आपूर्ति सामान्य करने की मांग की है।









