---Advertisement---

टैक्स, अनुदान और ऋण से भरेगा सरकारी खजाना

By Muskan Thakur

Published :

Follow

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद/डेस्क : मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल बजट में 62,550 करोड़ रुपये योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं के लिए, 41,150 करोड़ रुपये स्थापना बजट के रूप में, 72,900.28 करोड़ रुपये राजस्व बजट और 30,799.72 करोड़ रुपये पूंजीगत बजट के रूप में निर्धारित किए गए हैं।

ये भी पढे : Jamshedpur ऑटो क्लस्टर ऑडिटोरियम में वेडिंग फोटोग्राफी वर्कशॉप का सफल आयोजन, 100 से ज्यादा फोटोग्राफर्स ने लिया हिस्सा

उन्होंने बताया कि बजट के लिए कुल 74,000 करोड़ रुपये सरकार अपने करों से जुटाएगी। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा जीएसटी से 43,500 करोड़ रुपये आएगा। इसके अलावा वैट से 8,500 करोड़ रुपये, स्टाम्प और पंजीकरण शुल्क से 11,000 करोड़ रुपये, राज्य आबकारी से 7,200 करोड़ रुपये और वाहनों पर कर से 3,800 करोड़ रुपये मिलेंगे। साथ ही सरकार को अन्य स्रोतों से भी धन मिलेगा।

गैर-कर राजस्व से 900 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। केंद्र प्रायोजित योजनाओं से 3,931.16 करोड़ रुपये और केंद्रीय सहायता व अन्य अनुदानों से 968.01 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके अलावा केंद्रीय सड़क निधि से 591 करोड़ रुपये, स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन से 1,500 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से 100 करोड़ रुपये और दिल्ली विधानसभा परियोजना के लिए 1.90 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।

उन्होंने बताया कि पूंजीगत प्राप्तियों के तहत सरकार को कई स्रोतों से धन मिलेगा। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा 16,700 करोड़ रुपये का होगा, जो बाजार से उधार लिया जाएगा और यह उधारी आरबीआई के माध्यम से होगी। इसके अलावा एसएएससीआई योजना के तहत 2,500 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त लोन मिलेगा।

बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं, जैसे चंद्रावल जल निकासी परियोजना, से 380 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। वहीं, लोन और अग्रिमों की वसूली से 487.93 करोड़ रुपये मिलेंगे। इन सबके अलावा, सरकार के पास पहले से 1,640 करोड़ रुपये की शुरुआती राशि भी उपलब्ध रहेगी।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---