सोशल संवाद / डेस्क : असम सरकार के राजस्व मंत्री और वरिष्ठ असम गण परिषद (AGP) नेता केशव महंता की बेटी दिबिसा महंता एक वायरल वीडियो को लेकर विवादों में आ गई हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में उन्हें गुवाहाटी में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक नारे लगाते हुए देखा जा रहा है। इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है।

यह भी पढे : लंबे समय से अटकी टैक्स अपीलों पर मिलेगी राहत? वित्त मंत्री ने CBDT को दिए बड़े निर्देश
शिक्षा सुधार और NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर था प्रदर्शन जानकारी के अनुसार, 23 जुलाई को गुवाहाटी के चाचल क्षेत्र में ‘कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)’ के नेतृत्व में प्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
इसी प्रदर्शन के दौरान रिकॉर्ड हुए कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए, जिनमें दिबिसा महंता कथित रूप से प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा वाले नारे लगाती दिखाई दे रही हैं। वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मंत्री की बेटी की मौजूदगी बनी चर्चा का विषय
वायरल तस्वीरों और वीडियो में दिबिसा महंता को छात्र कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठे, हाथों में प्लेकार्ड लिए और प्रदर्शन में भाग लेते हुए देखा जा सकता है। चूंकि उनके पिता भाजपा समर्थित एनडीए सरकार में मंत्री हैं, इसलिए इस मामले ने राजनीतिक महत्व भी हासिल कर लिया है।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित तौर पर इस्तेमाल की गई भाषा की आलोचना करते हुए इसे अनुचित बताया, जबकि कुछ ने विरोध प्रदर्शन के अधिकार का समर्थन किया। मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।
पिता और बेटी की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
विवाद बढ़ने के बाद मीडिया ने दिबिसा महंता और उनके पिता केशव महंता से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। सोशल मीडिया अकाउंट हुआ निष्क्रिय विवाद के बीच यह भी चर्चा है कि दिबिसा महंता का सोशल मीडिया अकाउंट या तो डीएक्टिवेट कर दिया गया है या हटा दिया गया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदर्शन में उठीं कई मांगें
आयोजकों के अनुसार, इस प्रदर्शन में असम समेत पूर्वोत्तर राज्यों के छात्र, युवा और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, कथित पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने और छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग की। साथ ही, नई दिल्ली में छात्र आंदोलन और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में भी आवाज उठाई गई।
केंद्र सरकार ने पेपर लीक पर सख्ती का दिया भरोसा
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई का भरोसा देते हुए कहा है कि सरकार ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़े कानूनी प्रावधान लाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हालांकि गुवाहाटी का प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया, लेकिन उसमें दिबिसा महंता की मौजूदगी और वायरल वीडियो ने इस पूरे घटनाक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। मामले को लेकर अब भी राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।









