सोशल संवाद/डेस्क: मद्रास हाईकोर्ट ने Sanitary Pads, टैम्पॉन, पैंटी लाइनर और बेबी डायपर में इस्तेमाल हो रहे हानिकारक केमिकल्स के मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। यह मामला एक जनहित याचिका के जरिए उठाया गया, जिसमें इन उत्पादों में कैंसरकारी और खतरनाक रसायनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की गई है।

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याचिका में यह भी कहा गया है कि इन उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की पूरी जानकारी उपभोक्ताओं को दी जानी चाहिए। याचिकाकर्ता का कहना है कि महिलाएं अपने जीवन का बड़ा हिस्सा इन उत्पादों के इस्तेमाल में बिताती हैं, ऐसे में इनका पूरी तरह सुरक्षित होना बेहद जरूरी है।
कोर्ट को बताया गया कि मौजूदा समय में बाजार में बिकने वाले ज्यादातर सैनिटरी पैड में प्लास्टिक और कई तरह के केमिकल्स का उपयोग होता है, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इनसे संक्रमण, त्वचा संबंधी समस्याएं और हार्मोनल गड़बड़ी जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि कुछ रिसर्च रिपोर्ट्स में भी इन उत्पादों में हानिकारक रसायनों की मौजूदगी सामने आई है। ऐसे में याचिकाकर्ता ने मांग की है कि सरकार सख्त नियम बनाए और मौजूदा मानकों को अपडेट करे। मद्रास हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।









