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झारखंड में बढ़ सकती हैं विधानसभा सीटें, संख्या 125 तक पहुंचने की संभावना

By Riya Kumari

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झारखंड में बढ़ सकती हैं विधानसभा सीटें, संख्या 125 तक पहुंचने की संभावना

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सोशल संवाद / रांची : झारखंड में विधानसभा की सीटें बढ़कर 121 से 125 तक हो सकती हैं। लोकसभा की 21 और राज्यसभा की 9 सीटें होने की भी संभावना है। वर्तमान में झारखंड में विधानसभा की 81, लोकसभा की 14 और राज्यसभा की 6 सीटें हैं। यानी विधानसभा के लिए 40 से 45 सीटें, लोकसभा के लिए सात सीटें और राज्यसभा के लिए तीन सीटें बढ़ने की उम्मीद है।

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दरअसल केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव में महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए संसद के चालू सत्र में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन) लाने पर विचार कर रही है। साथ ही परिसीमन अधिनियम में भी संशोधन हो सकता है। ये विधेयक पारित हुए तो वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के के आधार पर परिसीमन हो सकता है। चालू सत्र में विधेयक नहीं आया तो केंद्र सरकार इन संशोधनों को पारित कराने के लिए संसद का विशेष सत्र भी बुला सकती है।

इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य ही आरक्षण को नई जनगणना और भविष्य के परिसीमन की शर्त से अलग करना है, ताकि इसे 2011 की जनगणना के आधार पर जल्द लागू किया जा सके। इस प्रकार पूरे देश में लोकसभा की सीटें बढ़ेंगी, ऐसे में झारखंड में भी तीनों सदनों की सीटों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत तक इजाफा होगा। माना जा रहा है कि 2029 का विधानसभा चुनाव नए समीकरणों और बढ़ी हुई सीटों के साथ होगा। अभी बहुमत का आंकड़ा 41 है, जो बढ़ कर 61 या 63 हो सकता है।

40 से अधिक सीटें महिलाओं के लिए होंगी आरक्षित

विधानसभा की कुल सीटों में से एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यानी विधानसभा की सीटें 125 हुई तो 40 से अधिक सीटें महिलाओं के लिए होंगी। लोकसभा में सात और राज्यसभा के लिए तीन सीटें महिलाओं को मिल सकती हैं। ऐसा हुआ तो एक नए नेतृत्व का उभार होगा। गौरतलब है कि झारखंड विधानसभा के नए भवन में 150 से अधिक विधायकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि भविष्य में सीटें बढ़ने पर भी किसी बड़े बदलाव की जरूरत न पड़े।

दो बार सीट बढ़ाने का प्रस्ताव विधानसभा में पारित हो चुका

झारखंड विधानसभा ने दो बार सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा है। झारखंड में परिसीमन नहीं होने के कारण सीटों की संख्या नहीं बढ़ सकी है, पर अब केंद्र की तैयारी को देखते हुए सीटें बढ़ने की उम्मीद जगी है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड की कुल जनसंख्या 3,29,88,134 है, पर माना जा रहा है कि अब यहां की जनसंख्या करीब साढ़े चार से पांच करोड़ के आसपास हो गई है।

रांची, धनबाद, पलामू और हजारीबाग में बढ़ेंगी सीटें

परिसीमन के क्रम में रांची, धनबाद, पलामू, हजारीबाग समेत अन्य शहरी क्षेत्रों में विधानसभा की सीटें बढ़ेंगी। चूंकि शहरी क्षेत्रों में जनसंख्या अधिक है, ऐसे में यहां पर सीटों का बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है। वैसे क्षेत्रफल के आधार पर देखें तो पलामू विधानसभा क्षेत्र काफी बड़ा है। परिसीमन के बाद यह दो भागों में बंट सकता है। हालांकि परिसीमन के क्रम में जनसंख्या, क्षेत्रफल और भौगोलिक क्षेत्रों को प्रमुखता से ध्यान में रखा जाना है।

एसटी सीटों को लेकर बढ़ेंगी चुनौतियां…

झारखंड में अनुसूचित जनजातियों के लिए सुरक्षित विधानसभा क्षेत्रों को लेकर चुनौतियां बढ़ेंगी। जनसंख्या के आंकड़ों के आलोक में विधानसभा सीटों के बढ़ने के साथ-साथ यह चिंता भी बनी हुई है कि इससे एसटी के लिए आरक्षित सीटों के प्रतिशत पर कोई असर पड़ेगा। वर्तमान विधानसभा में अनुसूचित जनजाति के लिए 28 और अनुसूचित जाति के लिए 9 सीटें आरक्षित हैं।

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