सोशल संवाद/जमशेदपुर : वैशाख मास में हिंदुओं के कई अहम व्रत-त्योहार होंगे। इस माह अक्षय तृतीया, जानकी नवमी, मोहिनी एकादशी, बुद्ध पूर्णिमा आदि प्रमुख व्रत हैं। ऋतु परिवर्तन की वजह से सूर्य की तपन बढ़ जाती है। इसीलिए इस मास में जल दान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्य डॉ. रमेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि इस मास में गजकेसरी योग (गुरु-चंद्रमा की स्थिति), सर्वार्थसिद्धि योग और रवि योग का संयोग बन रहा है। इस दिन स्नान, दान, व्रत, पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, शुभकार्य आदि करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती हैं।

इस दिन गंगा सागर व तीर्थ में स्नान करने से कई गुना पुण्यफल प्राप्त होते है। इस बार वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया 19 अप्रैल को दोपहर 01 बजे से प्रारंभ कर 20 अप्रैल की सुबह 10: 38 बजे तक रहेगी, चूंकि परशुरामजी का जन्म वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया को प्रदोष काल (सायंकाल) में हुआ था। ऐसे में श्री परशुराम का पूजन और जयंती 19 अप्रैल को शाम 06: 21 बजे से रात्रि 8 : 43 मिनट के बीच करना शुभ रहेगा। वहीं, अक्षय तृतीया 20 अप्रैल को उदयाव्यापिनी होने से ज्यादा शुभ रहेगी।
परंपरा के साथ पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
भगवान परशुराम जयंती को लेकर धर्म-रक्षिणी पौरोहित्य महासंघ की बैठक साकची आनंदेश्वर शिव मंदिर प्रांगण में हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि परशुराम जयंती 19 अप्रैल को मनाई जाएगी। इसके पूर्व 18 अप्रैल को जरूरतमंदों के बीच वस्त्र वितरण और 20 अप्रैल को पशु-पक्षियों के लिए जलपात्र रखें जाएंगें। बैठक में महासंघ के अध्यक्ष पं. बिपिन कुमार झा ने आह्वान किया कि सभी श्रद्धालु अपने-अपने घरों में पांच-पांच घी के दीपक जलाएं और परशुरामजी की पूजा करें। बैठक में उमेश तिवारी, सुधीर झा, चंद्रमौलेश्वर झा मौजूद रहे।
महाप्रभु जगन्नाथ के रथ निर्माण की होगी शुरुआत
अक्षय तृतीय के दिन रथयात्रा की तैयारियां लकड़ी पूजन के साथ होगी। ओडिशा की तर्ज पर शहर में कई स्थानों से रथ यात्रा निकाली जाती है। रथयात्रा को लेकर आयोजन समिति की ओर से पूजा-अर्चना की जाएगी। साकची उत्कल एसोसिएशन, गांधी आश्रम बाराद्वारी, नामदा बस्ती काली मंदिर, बेल्डीह नागा मंदिर में, खास महल श्री जगन्नाथ मंदिर होगी पूजा।









