सोशल संवाद/डेस्क: झारखंड में अनधिकृत तरीके से बने भवनों को नियमित करने के प्रस्ताव को बुधवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इसके तहत राज्यभर में 10 मीटर ऊंचाई (जी+2) तक के आवासीय भवनों को रेगुलराइज किया जाएगा। अधिकतम 300 वर्गमीटर क्षेत्र तक के मकान इस दायरे में आएंगे। सरकार ने इसके लिए झारखंड रेग्युलराइजेशन ऑफ अनऑथराइज्डली कंस्ट्रक्टेड।

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बिल्डिंग रूल्स, 2026 के गठन को भी स्वीकृति दी है। कैबिनेट की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने बताया कि बैठक में कुल 53 प्रस्ताव पारित किए गए। रेगुलराइजेशन के लिए आवासीय भवनों पर न्यूनतम 10 हजार रुपए और गैर-आवासीय भवनों पर 20 हजार रुपए शुल्क तय किया गया है। बिना स्वीकृत नक्शे के बने भवनों को वैध कराने के लिए मकान मालिकों को पेनाल्टी भी देनी होगी।
चार सदर अस्पताल पीपीपी मोड पर चलेंगे
कैबिनेट ने खूंटी, गिरिडीह, जामताड़ा और धनबाद के सदर अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में अपग्रेड करने और इन्हें पीपीपी मॉडल पर चलाने का फैसला लिया है। इससे इन इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। वहीं, व्यावसायिक उपयोग में आने वाले दोपहिया वाहनों पर अतिरिक्त टैक्स लगेगा। ऐसे वाहनों पर एक्स-शोरूम कीमत का 7% कर 15 साल के लिए लिया जाएगा। निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहनों पर भी टैक्स लगाया जाएगा।
रोबोट बनानेवालों को 5 लाख का पुरस्कार
झारखंड रोबोटिक फेस्टिवल आयोजित करने का फैसला लिया है। रोबोट बनाने वाली प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 5 लाख, द्वितीय पुरस्कार 3 लाख व तृतीय पुरस्कार 2 लाख रुपए दिए जाएंगे। स्कूल, आईटीआई और पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए क्विज प्रतियोगिता होगी। रोबोटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी क्विज में 50 हजार, 30 हजार और 20 हजार रुपए के पुरस्कार रखे गए हैं। राष्ट्रीय गणित दिवस व राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाने का भी निर्णय लिया गया है।









