सोशल संवाद/डेस्क: झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की लाइफलाइन मानी जाने वाली एनएच-33 पर सफर अब जल्द ही आसान होने वाला है. केंद्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय ने रांची-बहरागोड़ा मार्ग के रामपुर, चौका, रड़गांव से महुलिया तक करीब 137 किलोमीटर लंबे फोरलेन के सुदृढ़ीकरण और ओवर लेवलिंग कार्य को मंजूरी दे दी है. इस परियोजना पर 210 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे छह माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

यह भी पढ़ें: गर्मी व अभिभावकों की शिकायत के बाद ट्रैफिक पुलिस अब 1 से 2:30 बजे नहीं करेगी ट्रैफिक चेकिंग
जमशेदपुर एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विजय कुमार ने कहा कि एनएच-33 के इस महत्वपूर्ण खंड की मरम्मत के लिए एनएचएआइ अब तेजी से ओवर लेवलिंग का काम शुरू करेगा, ताकि हाइवे में यातायात में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके.
रोजाना 28 से 30 हजार वाहनों का आवागमन
एनएच-33 पर रांची से बहरागोड़ा के बीच रोजाना 28 से 30 हजार छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है. जर्जर सड़क और बड़े-बड़े गड्डों के कारण यहां प्रतिदिन 5 से 6 घंटे तक जाम लगता है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ मालवाहक वाहनों को भारी परेशानी होती है. समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पाने से आर्थिक नुकसान भी हो रहा है. मंत्रालय ने परियोजना के लिए फंड और वर्क प्लान एनएचएआइ को सौंप दिया है. जल्द ही निविदा प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू किया जायेगा. परियोजना के तहत सड़क की ऊपरी सतह को मजबूत किया जाना है और धंसे हिस्सों की लेवलिंग कर उसे समतल बनाया जायेगा. इससे न केवल यातायात सुचारू होगा, बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आयेगी.
एलिवेटेड कॉरिडोर का 40% काम पूरा, 2027 बन जायेगा : विजय
जमशेदपुर. एनएच 33 में निर्माणाधीन 10.02 किलोमीटर लंबा पारडीह-डिमना के ऊपर से बन रहा एलिवेटेड कॉरिडोर का 40 फीसदी काम पूरा हो गया है. वर्ष 2027 में यह पूरा हो जायेगा. मंगलवार को ये बातें एनएचएआइ के नये प्रोजेक्ट डायरेक्टर विजय कुमार ने दी.
कांड्रा से चांडिल-रांची जानी वाली सड़क पर उभरे गड्डों को भरा
गया कार्यभार संभालने के बाद प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने कहा कि कांड्रा से चांडिल-रांची जानी वाली सड़क पर बने बड़े गड्डों को तुरंत भरवाया जायेगा. शनिवार को सरायकेला-खरसावां के डीसी नितिश कुमार ने बताया था कि इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं.









