सोशल संवाद / डेस्क : कथित जासूसी मामले में गिरफ्तार यूट्यूबर और ट्रैवल व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत के इस फैसले के बाद फिलहाल उन्हें न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा। मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की जांच भी जारी है।

ज्योति मल्होत्रा को मई 2025 में हरियाणा के हिसार से गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि वह पाकिस्तान से जुड़े कुछ लोगों के संपर्क में थीं और संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान से जुड़े मामले में जांच एजेंसियों के रडार पर आईं। गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता कानून (Official Secrets Act) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जांच एजेंसियों की दलीलों को मिली अहमियत
सुनवाई के दौरान जांच एजेंसियों ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। एजेंसियों का तर्क था कि आरोपी को जमानत मिलने पर जांच प्रभावित हो सकती है। इसी आधार पर जमानत का विरोध किया गया।
वहीं, बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ किसी संवेदनशील या गोपनीय सैन्य जानकारी को साझा करने का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला है। हालांकि अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया।
सोशल मीडिया से चर्चा में आई थीं ज्योति मल्होत्रा
हरियाणा के हिसार की रहने वाली ज्योति मल्होत्रा अपने ट्रैवल व्लॉग और सोशल मीडिया कंटेंट के लिए जानी जाती थीं। उनके यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स थे। गिरफ्तारी के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया था।
मामले पर बनी हुई है देशभर की नजर
जासूसी से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले पर सुरक्षा एजेंसियों, कानूनी विशेषज्ञों और आम लोगों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और अदालत की आगे की सुनवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।









