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भूलना हमेशा सामान्य नहीं! नाम भूलना और चेहरे भूलना, डिमेंशिया का संकेत कब बन सकता है?

By Riya Kumari

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भूलना हमेशा सामान्य नहीं! नाम भूलना और चेहरे भूलना, डिमेंशिया का संकेत कब बन सकता है?

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सोशल संवाद / डेस्क : बढ़ती उम्र के साथ कभी-कभी किसी का नाम भूल जाना या किसी परिचित चेहरे को पहचानने में समय लगना सामान्य माना जाता है। लेकिन यदि ऐसी समस्याएं बार-बार होने लगें और दैनिक जीवन को प्रभावित करने लगें, तो यह डिमेंशिया (Dementia) जैसे न्यूरोलॉजिकल विकार का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। हाल ही में विशेषज्ञों ने बताया है कि नाम भूलना और चेहरे भूलना, दोनों में बड़ा अंतर है और इनमें से कुछ स्थितियां अधिक गंभीर हो सकती हैं।

यह भी पढे : Air Pollution Alert: क्या वायु प्रदूषण आपकी याददाश्त को धीरे-धीरे कमजोर कर रहा है? नई स्टडी ने बढ़ाई चिंता

नाम भूलना कितना सामान्य है?

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी व्यक्ति का नाम अचानक याद न आना आम बात है। कई बार दिमाग में जानकारी मौजूद होती है, लेकिन उसे तुरंत याद करने में कठिनाई होती है। थोड़ी देर बाद वही नाम याद आ जाता है। यह सामान्य उम्र बढ़ने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है और जरूरी नहीं कि यह डिमेंशिया का संकेत हो।

चेहरे भूलना क्यों हो सकता है चिंता का विषय?

किसी परिचित व्यक्ति का चेहरा पहचानने में लगातार परेशानी होना अधिक गंभीर संकेत माना जाता है। यदि व्यक्ति अपने करीबी रिश्तेदारों, दोस्तों या नियमित रूप से मिलने वाले लोगों को पहचानने में कठिनाई महसूस करने लगे, तो यह मस्तिष्क के उन हिस्सों में समस्या का संकेत हो सकता है जो चेहरे पहचानने की क्षमता को नियंत्रित करते हैं।

डिमेंशिया के शुरुआती संकेत क्या हैं?

विशेषज्ञों के मुताबिक निम्न लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:

  • बार-बार एक ही सवाल पूछना
  • हाल की घटनाएं भूल जाना
  • परिचित रास्तों में भटक जाना
  • लोगों के नाम और चेहरे पहचानने में कठिनाई
  • निर्णय लेने की क्षमता में कमी
  • व्यवहार और व्यक्तित्व में बदलाव
  • दैनिक कार्यों को पूरा करने में परेशानी

कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?

यदि भूलने की समस्या लगातार बढ़ रही हो, रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हों या परिवार के सदस्य व्यवहार में बदलाव महसूस कर रहे हों, तो न्यूरोलॉजिस्ट या विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच से बीमारी की पहचान जल्दी हो सकती है और उपचार के बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।

याददाश्त को मजबूत रखने के उपाय

  • नियमित शारीरिक व्यायाम करें
  • पर्याप्त नींद लें
  • संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाएं
  • दिमागी गतिविधियों जैसे पढ़ना, पहेलियां हल करना और नई चीजें सीखना जारी रखें
  • सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहें
  • तनाव को नियंत्रित रखें

किसी का नाम भूल जाना अक्सर सामान्य माना जाता है, लेकिन परिचित चेहरों को पहचानने में लगातार कठिनाई होना अधिक गंभीर संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि याददाश्त से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है, क्योंकि शुरुआती पहचान से डिमेंशिया जैसी बीमारियों के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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