सोशल संवाद / सरायकेला : सरायकेला स्थित समाहरणालय सभागार में गुरुवार को झारखंड मिनरल्स (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की रोकथाम) संशोधन नियमावली-2026 तथा झारखंड लघु खनिज समनुदान (संशोधन) नियमावली-2026 को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने की।

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इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे, जबकि कई अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
संशोधित नियमावली की दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यशाला में जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर शतपथी ने संशोधित नियमावली के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक, पारदर्शी और जवाबदेह प्रबंधन सुनिश्चित करना तथा अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाना है।
खनन प्रक्रिया और नियमों में हुए महत्वपूर्ण बदलाव
उन्होंने बताया कि नई नियमावली में खनन पट्टा, पूर्वेक्षण अनुज्ञप्ति, क्षेत्रफल सीमा, स्वीकृति प्रक्रिया, पट्टा अवधि और आवेदन निस्तारण की समय-सीमा को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित किया गया है। साथ ही अपीलीय व्यवस्था को भी मजबूत बनाया गया है, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
डिजिटल सिस्टम से होगी निगरानी मजबूत
कार्यशाला में ऑनलाइन आवेदन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक नीलामी, परिवहन चालान व्यवस्था और Jharkhand Integrated Mines and Minerals Management System (JIMMS) के माध्यम से खनन गतिविधियों की निगरानी पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि डिजिटल निगरानी से अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और अधिक प्रभावी होगा।
अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान
जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि संशोधित नियमावली के तहत अवैध खनन, परिवहन और भंडारण में शामिल व्यक्तियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया को और कठोर एवं प्रभावी बनाया गया है। साथ ही परिवहन चालान, मासिक रिपोर्टिंग, जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) से जुड़ी देयताएं और अनुपालन नियमों को भी सख्ती से लागू किया जाएगा।
पारदर्शी और तकनीक आधारित खनन प्रशासन पर जोर
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि नई नियमावली खनन प्रशासन को तकनीक आधारित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल राजस्व संरक्षण सुनिश्चित होगा बल्कि अवैध खनन गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
अधिकारियों के सवालों का किया गया समाधान
कार्यशाला के अंत में उपस्थित अधिकारियों ने नियमावली से जुड़े विभिन्न प्रश्न और सुझाव रखे, जिनका जिला खनन पदाधिकारी ने विस्तारपूर्वक समाधान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य सभी संबंधित विभागों को नई नियमावली की जानकारी देना और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए साझा समझ विकसित करना रहा।









