सोशल संवाद/डेस्क : पश्चिम एशिया संकट का असर बीते महीने के थोक महंगाई सूचकांक पर देखने को मिला है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के चलते मई में थोक महंगाई दर सालाना आधार पर 9.68 प्रतिशत रही है, जो अप्रैल में 8.26 प्रतिशत रही थी। मासिक आधार पर सीधे थोक महंगाई में 1.42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

यह भी पढे : जमशेदपुर के गदरा एवं चाकुलिया में खुलेंगे नए स्वास्थ्य उप केंद्र
थोक महंगाई के आंकड़े बताते हैं कि मई में सबसे अधिक ईंधन एवं ऊर्जा श्रेणी में 30.33 प्रतिशत की महंगाई दर्ज की गई है, जिसका असर अन्य क्षेत्रों पर भी देखने को मिला है। जैसे विनिर्माण क्षेत्र की महंगाई दर 7.48% रही है और प्राथमिक वस्तुओं की श्रेणी में महंगाई दर 4.99% दर्ज की गई। पेट्रोल, डीजल, सीएनजी व पेट्रोलियम उत्पादों की दामों में बढ़ोतरी का असर थोक महंगाई को बढ़ाने में सबसे अधिक रहा है।









