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चाईबासा में हेलमेट जागरूकता अभियान, दोपहिया चालकों को बांटे गए निःशुल्क हेलमेट

By Riya Kumari

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चाईबासा में हेलमेट जागरूकता अभियान, दोपहिया चालकों को बांटे गए निःशुल्क हेलमेट

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सोशल संवाद / चाईबासा: सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला परिवहन कार्यालय द्वारा विशेष हेलमेट जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) गौतम कुमार ने महुलसाई स्थित होंडा शोरूम के समीप दोपहिया वाहन चालकों के बीच निःशुल्क हेलमेट का वितरण किया।

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अभियान के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी ने लोगों को हेलमेट के महत्व और सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के दौरान हेलमेट पहनने से सिर में गंभीर चोट (हेड इंजरी) लगने का खतरा 70 से 80 प्रतिशत तक कम हो जाता है। इसलिए प्रत्येक दोपहिया वाहन चालक और पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए हेलमेट पहनना बेहद जरूरी है।

उन्होंने बताया कि दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें सिर में गंभीर चोट लगने के कारण होती हैं। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण हेलमेट जीवन रक्षक साबित हो सकता है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालक के साथ-साथ पिलियन राइडर के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान है।

ISI मार्क वाले हेलमेट के उपयोग की अपील

गौतम कुमार ने लोगों से केवल चालान से बचने के लिए निम्न गुणवत्ता वाले या प्लास्टिक कैप जैसे हेलमेट का उपयोग नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हेलमेट खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि उस पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का ISI मार्क अंकित हो। ISI प्रमाणित हेलमेट सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है और दुर्घटना की स्थिति में बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है।

उन्होंने फुल-फेस हेलमेट को सबसे सुरक्षित बताते हुए कहा कि यह सिर के साथ-साथ चेहरे और जबड़े को भी अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है। साथ ही हेलमेट का आकार सही होना चाहिए, ताकि वह न अधिक ढीला हो और न ही अत्यधिक कसा हुआ।

सही तरीके से हेलमेट पहनना भी जरूरी

जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि केवल सिर पर हेलमेट रखना पर्याप्त नहीं है। हेलमेट की स्ट्रैप या क्लिप को सही तरीके से लॉक करना भी उतना ही आवश्यक है। दुर्घटना की स्थिति में बिना लॉक किया हुआ हेलमेट सिर से अलग हो सकता है, जिससे उसकी सुरक्षा क्षमता पूरी तरह समाप्त हो जाती है।

सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार चल रहे अभियान

जिला परिवहन कार्यालय द्वारा समय-समय पर सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, वाहन जांच अभियान और हेलमेट वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य लोगों में सुरक्षित ड्राइविंग की आदत विकसित करना और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करना है।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हमेशा हेलमेट पहनकर ही दोपहिया वाहन चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें।

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