सोशल संवाद / डेस्क : श्रावणी मेला 2026 से पहले बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों कांवड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बासुकीनाथ–देवघर फोरलेन (NH-114A) परियोजना पर काम तेज कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कांवड़ियों के लिए अलग से समर्पित स्पेशल ट्रैक तैयार किया जा रहा है, जिससे उनकी यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित और सुगम होगी।

36 किलोमीटर से अधिक लंबा बनेगा कांवड़िया ट्रैक
जानकारी के अनुसार, करीब 45.159 किलोमीटर लंबे फोरलेन कॉरिडोर के साथ 36.044 किलोमीटर लंबा और 3.5 मीटर चौड़ा समर्पित कांवड़िया ट्रैक विकसित किया जा रहा है। इस ट्रैक का उद्देश्य पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को अलग करना है, ताकि मेले के दौरान दुर्घटनाओं और जाम की संभावना कम हो सके।
सड़क सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोर
NHAI श्रावणी मेले से पहले सड़क की मरम्मत, गड्ढामुक्त मार्ग, ड्रेनेज सिस्टम, रोड साइन, रिफ्लेक्टिव मार्किंग, सेफ्टी बैरियर और साफ-सफाई जैसे कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है। इसके अलावा परियोजना में बाईपास, सर्विस रोड, फ्लाईओवर, रेल ओवरब्रिज (ROB), अंडरपास और अन्य आधुनिक सड़क सुरक्षा सुविधाएं भी शामिल हैं।
बाबा धाम और बासुकीनाथ तक बेहतर होगी कनेक्टिविटी
इस फोरलेन परियोजना के पूरा होने से बाबा बैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ मंदिर, त्रिकूट पर्वत समेत क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच पहले से अधिक आसान हो जाएगी। इससे न केवल श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
श्रावणी मेले में लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
हर वर्ष श्रावणी मेले के दौरान लाखों कांवड़िये सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। ऐसे में अलग कांवड़िया ट्रैक बनने से भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा, सड़क दुर्घटनाओं का खतरा घटेगा और श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक बन सकेगी।










