सोशल संवाद / रांची : तमिलनाडु की एक फैक्ट्री में हुए भीषण अमोनिया गैस रिसाव हादसे के बाद झारखंड के 39 प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया है। उन्होंने शनिवार को झारखंड माइग्रेट सेल को मामले पर तत्काल संज्ञान लेने एवं श्रमिकों के सकुशल वापसी हेतु हर जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है।

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इससे पहले ‘झारखंड जनाधिकार महासभा’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इन मजदूरों की दयनीय स्थिति को उजागर किया। महासभा ने बताया कि बीते 21 जून को फैक्ट्री में हुए अमोनिया गैस लीक में झारखंड की प्रीति की मौत हो गई। दो अभी अस्पताल में हैं, जबकि बाकी 39 झारखंडी मजदूर एक सप्ताह से एक हॉल में सिमटे हुए हैं। उन्हें तुरंत वापस आना है, लेकिन राज्य प्रशासन ने उनसे संपर्क तक नहीं किया है। तमिलनाडु में फंसे अन्य राज्यों के मजदूरों को उनकी सरकार वापस ले गई हैं। लेकिन झारखंड के मजदूरों से अभी तक किसी ने संपर्क नहीं किया है। मजदूरों ने राज्य सरकार से तत्काल वापसी करने की व्यवस्था की गुहार लगाई है।










