सोशल संवाद / जमशेदपुर : झारखंड सरकार ने मानसून के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा और पौधरोपण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के सभी संरक्षित वन क्षेत्रों में इको-टूरिज्म और अन्य गैर-जरूरी गतिविधियों पर 1 जुलाई से 30 सितंबर तक रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह प्रतिबंध पलामू टाइगर रिजर्व, दलमा वन्यजीव अभयारण्य सहित सभी वन क्षेत्रों में लागू रहेगा।

वन एवं पर्यावरण विभाग के निर्देशानुसार इस अवधि में जंगल सफारी, पर्यटन गतिविधियों के साथ-साथ सड़क निर्माण, बिजली टावर स्थापना और अन्य विकास कार्य भी बंद रहेंगे। विभाग का मानना है कि बारिश के मौसम में मानवीय हस्तक्षेप कम होने से वन्यजीवों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा और नए पौधों के विकास में भी मदद मिलेगी। मानसून समाप्त होने के बाद सरकार इको टूरिज्म को और विस्तार देने की तैयारी में जुट जाएगी। जंगल सफारी के लिए बैटरी चालित वाहनों की संख्या 25 तक बढ़ाने, वन विश्राम गृह में सोलर ऊर्जा आधारित बिजली व्यवस्था विकसित करने की योजना है।
दस लाख पौधे लगाए जाएंगे
मानसून के दौरान राज्यभर में 10 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इनके संरक्षण के लिए जल संचयन, सिंचाई और निगरानी की विशेष व्यवस्था की जाएगी। कम वर्षा वाले क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पौधों तक पानी पहुंचाने की भी योजना बनाई गई है, ताकि पौधारोपण की सफलता दर बढ़ाई जा सके।










