सोशल संवाद/डेस्क : सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में लाखों खरीदार को राहत देते हुए कहा कि फ्लैट/घर का कब्जा लेने के बाद देरी के लिए बिल्डर से मुआवजा मांग सकता है। शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के फैसले के खिलाफ घर खरीदार की अपील स्वीकार करते हुए यह फैसला दिया है। जस्टिस विक्रम नाथ और वी. मोहना की पीठ ने आयोग का फैसला करते हुए कहा कि कब्जा देने में देरी के लिए मुआवजे का दावा स्वाभाविक रूप से उस अवधि से जुड़ा होता है, जो में कब्जा सौंपे जाने से पहले की है।

यह भी पढ़े : मानसून में तीन महीने नहीं होगी जंगल सफारी
रद्द वास्तव हाल ही में पारित फैसले में पीठ ने कहा कि बाद में कब्जा मिल जाने मात्र से खरीदार का कथित देरी के लिए मुआवजे की मांग करने का अधिकार समाप्त नहीं हो जाता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपीलकर्ता ने सिर्फ फ्लैट का कब्जा दिलाने की मांग नहीं की थी बल्कि उसकी शिकायत यह थी कि फ्लैट का कब्जा सौंपने में देरी हुई और वह इसके लिए मुआवजे की मांग की थी।










