सोशल संवाद / चक्रधरपुर: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के जन्मदिवस के अवसर पर शिरडी साईं भक्त मंडल एवं धोनी फैंस क्लब, चक्रधरपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 27वें महा रक्तदान शिविर में अंजुमन इस्लामिया, चक्रधरपुर के सचिव एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता बैरम खान ने अपना 25वां स्वैच्छिक रक्तदान कर समाज सेवा और मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया।

वर्षों से कर रहे हैं नियमित रक्तदान
बैरम खान पिछले कई वर्षों से लगातार स्वैच्छिक रक्तदान अभियान से जुड़े हुए हैं। अब तक वे 25 बार रक्तदान कर चुके हैं। इनमें टाटा ब्लड सेंटर, जमशेदपुर में 6 बार, चाईबासा ब्लड बैंक में 6 बार, एमजीएम ब्लड बैंक, जमशेदपुर में 8 बार तथा रांची के विभिन्न ब्लड बैंकों में कई बार रक्तदान शामिल है।
जरूरतमंदों के लिए हमेशा रहते हैं तैयार
सिर्फ स्वयं रक्तदान ही नहीं, बल्कि बैरम खान जरूरत पड़ने पर मरीजों के लिए रक्तदाताओं की व्यवस्था कराने में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कई आपातकालीन परिस्थितियों में जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके प्रयासों से अनेक लोगों को नई जिंदगी मिली है।
“रक्तदान महादान है” : बैरम खान
रक्तदान के बाद बैरम खान ने कहा कि “रक्तदान महादान है। प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित अंतराल पर स्वेच्छा से रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि आपका एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद की जान बचा सकता है। मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है।”
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आगे आकर स्वैच्छिक रक्तदान करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।
रक्तदान शिविर में उमड़ा उत्साह
शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर स्वैच्छिक रक्तदान किया। आयोजन के दौरान सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति-पत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
बैरम खान ने शिरडी साईं भक्त मंडल और धोनी फैंस क्लब की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।
रक्तदान का संदेश
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार नियमित और सुरक्षित रक्तदान से न केवल जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिलता है, बल्कि रक्तदाताओं में भी सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा का भाव मजबूत होता है। इसलिए प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।










