सोशल संवाद / डेस्क : महाराष्ट्र के नासिक जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज बारिश के कारण गोदावरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी, जिससे रामकुंड और गोदा घाट क्षेत्र के कई छोटे मंदिर पानी में डूब गए। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

गंगापुर बांध से पानी छोड़े जाने के बाद बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश के चलते गंगापुर बांध लगभग पूरी क्षमता तक भर गया, जिसके बाद बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया। इसके कारण गोदावरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और नदी खतरे के निशान को पार कर गई। रामकुंड स्थित छोटे मंदिरों के साथ प्रसिद्ध दुतोंड्या मारुति प्रतिमा भी कुछ समय के लिए पूरी तरह पानी में डूब गई।
200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
प्रशासन ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए निचले इलाकों से 210 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है। कई इलाकों में घरों, सड़कों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों के अनुसार, जिले में एक व्यक्ति की मौत भी हुई है, जबकि राहत एवं बचाव दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
कई इलाकों में जलभराव, लोगों से सतर्क रहने की अपील
बारिश के कारण नासिक शहर और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कई पेड़ और मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि कुछ ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन ने लोगों से नदी और घाटों के पास न जाने तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं। गोदावरी नदी के किनारे रहने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव अभियान चलाने की तैयारी की गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।









