सोशल संवाद / डेस्क : टेक कंपनी Zoho के संस्थापक श्रीधर वेम्बु ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। लगातार दो पोस्ट में उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर दुख जताया और कहा कि उनकी कंपनी Zoho ने कभी भी सरकार से किसी तरह का विशेष लाभ (फेवर) नहीं मांगा।

बोले- धमकियों या आलोचना से नहीं झुकूंगा
श्रीधर वेम्बु ने कहा कि सोशल मीडिया पर मिल रही आलोचनाओं और धमकियों के बावजूद वह अपने विचार रखने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह का दबाव उनकी राय को प्रभावित नहीं कर सकता।
Zoho की 90% कमाई विदेशों से
अपने पोस्ट में वेम्बु ने यह भी बताया कि Zoho की लगभग 90% आय भारत के बाहर के बाजारों से आती है। उनका कहना था कि कंपनी वैश्विक ग्राहकों के भरोसे आगे बढ़ी है और उसने कभी सरकारी संरक्षण या विशेष सुविधा पर निर्भर होकर कारोबार नहीं किया।
धर्मेंद्र प्रधान की कार्यशैली की सराहना
एक अन्य पोस्ट में श्रीधर वेम्बु ने धर्मेंद्र प्रधान की प्रशंसा करते हुए उन्हें “देश के बेहतरीन जनसेवकों में से एक” बताया। उन्होंने कहा कि प्रधान ने हमेशा व्यक्तिगत हितों से ऊपर देश और युवाओं के हितों को प्राथमिकता दी।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
श्रीधर वेम्बु की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कई यूजर्स ने उनके विचारों से असहमति भी जताई। इसके बाद वेम्बु ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए दोबारा पोस्ट किया और कहा कि Zoho का कारोबार पूरी तरह स्वतंत्र है तथा कंपनी ने कभी किसी सरकारी फेवर की मांग नहीं की।









