सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में दुमका जिले से बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ है कि कई अपात्र महिलाएं नियमों के विपरीत योजना का लाभ ले रही थीं। इनमें रेलवे कर्मचारी और सरकारी शिक्षकों की पत्नियों के अलावा पारा शिक्षकों की पत्नियां, पोषण सखी, एएनएम और चौकीदार के परिवार भी शामिल हैं। मामले का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने अपात्र लाभुकों को योजना से बाहर करते हुए उनसे अब तक मिली सरकारी सहायता राशि वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

यह भी पढ़े : चक्रधरपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, बिना लाइसेंस चल रहे 3 प्रतिष्ठानों को नोटिस
शिकायत के बाद हुई जांच
मामले की जांच शिकायत मिलने के बाद शुरू की गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के निर्देश पर विभिन्न गांवों में लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन कराया गया। जांच में कई ऐसे लाभुक मिले, जिन्होंने पात्रता नहीं होने के बावजूद योजना का लाभ लिया।
रेलवे कर्मचारी की पत्नी भी निकली अपात्र
जांच के दौरान हरिपुर पंचायत के पूतका गांव की एक महिला का मामला सामने आया, जो मंईयां सम्मान योजना का लाभ लेने के साथ-साथ लाल राशन कार्ड पर सरकारी अनाज भी प्राप्त कर रही थीं। जांच में पता चला कि उनके पति पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रेलवे विभाग में कार्यरत हैं। नियमों के अनुसार ऐसे परिवार योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
सरकारी शिक्षक के परिवार भी जांच के घेरे में
जांच में एक अन्य मामले में सरकारी शिक्षक की पत्नी द्वारा ग्रीन राशन कार्ड और मंईयां सम्मान योजना दोनों का लाभ लेने की बात सामने आई। इसके अलावा एक महिला की शादी सरकारी शिक्षक से होने के बाद भी वह योजना का लाभ लेती रही।
पारा शिक्षक, पोषण सखी, एएनएम और चौकीदार के परिवार भी शामिल
जांच के दौरान दो पारा शिक्षकों की पत्नियां, चार पोषण सखी, एक एएनएम और एक चौकीदार के परिवार को भी योजना का लाभ लेते पाया गया। वहीं एक गांव में पति-पत्नी द्वारा अलग-अलग राशन कार्ड बनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का मामला भी सामने आया।
अपात्र लाभुकों को भेजा गया नोटिस
प्रशासन ने सभी अपात्र लाभार्थियों को तत्काल योजना से हटा दिया है। साथ ही उन्हें अब तक प्राप्त सरकारी सहायता राशि वापस करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। राशन कार्ड से जुड़े मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जांच अभियान रहेगा जारी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में पात्रता की जांच लगातार जारी रहेगी। यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर या नियमों को छिपाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना है।









