सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड की राजधानी रांची में JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं और CBI जांच की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के पास चल रहा यह धरना अब केवल कुछ छात्रों तक सीमित नहीं रह गया है। आंदोलन में शामिल युवाओं का कहना है कि यह सिर्फ नौकरी की लड़ाई नहीं, बल्कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग है।

यह भी पढ़े : Shravani Mela 2026: 4 अगस्त से देवघर-बासुकीनाथ हेलीकॉप्टर सेवा शुरू, जानें किराया, समय और ऑनलाइन बुकिंग
छात्रों का कहना है कि दिल्ली के जंतर-मंतर की तरह अब इस आंदोलन को किसी एक चेहरे की जरूरत नहीं है। यहां बैठा हर छात्र-छात्रा इस संघर्ष का प्रतिनिधित्व कर रहा है।
299 अंक लाने वाली छात्रा का दावा बना चर्चा का विषय
आंदोलन में शामिल होने बोकारो से पहुंची छात्रा मंजू ने दावा किया कि उसने पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) परीक्षा में 300 में से 299 अंक प्राप्त किए, लेकिन इसके बावजूद उसका चयन नहीं हुआ।
छात्रा ने कहा कि अब परिवार वाले सवाल पूछ रहे हैं कि शादी के बाद भी पढ़ाई करने का क्या फायदा हुआ, जब इतनी मेहनत के बाद भी नौकरी नहीं मिली। छात्रा के इस बयान के बाद विपक्षी दल भाजपा ने भी राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े छात्र
धरने पर बैठे छात्रों की प्रमुख मांग है कि JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) को रद्द किया जाए और कथित अनियमितताओं की CBI से निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि वे गीत, नारे, भाषण और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाते रहेंगे।
पेपर लीक और धांधली से टूटा युवाओं का भरोसा
आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्राओं की भी भागीदारी देखने को मिल रही है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के कारण उनका भरोसा पूरी व्यवस्था से उठता जा रहा है। उनका कहना है कि वर्षों की तैयारी के बाद भी हर बार केवल निराशा हाथ लगती है।
‘घर से पैसे मांगने में शर्म आती है’
एक अन्य छात्र ने भावुक होकर अपनी आर्थिक स्थिति साझा की। उसने बताया कि उसके पिता किसान हैं और आंदोलन में शामिल होने के लिए वह अपनी मां से एक हजार रुपये लेकर रांची आया है। उसने कहा कि हर महीने घर से चार से पांच हजार रुपये मांगना अब मुश्किल हो गया है। दोस्तों के साथ भोजन साझा कर किसी तरह दिन गुजर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें नहीं पता आगे क्या होगा, लेकिन वे अपने अधिकार की लड़ाई जारी रखेंगे।
आयोग खुद कराए पारदर्शी परीक्षा: छात्रों की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं के संचालन में बाहरी एजेंसियों पर अत्यधिक निर्भरता के कारण बार-बार विवाद सामने आते हैं। छात्रों की मांग है कि अन्य राज्यों की तरह JPSC और JSSC स्वयं पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं आयोजित करें, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो सके।
‘जीतकर ही लौटेंगे’
धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि घर से लगातार फोन आते हैं और परिवार नौकरी को लेकर उम्मीद लगाए बैठा है। इसके बावजूद उन्होंने फैसला किया है कि बिना ठोस कार्रवाई और स्पष्ट आश्वासन के वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। उनका कहना है कि यह संघर्ष केवल व्यक्तिगत नौकरी के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करने की लड़ाई है।
व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी
प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना है कि उनका गुस्सा किसी व्यक्ति विशेष से ज्यादा भर्ती प्रक्रिया और व्यवस्था में कथित खामियों को लेकर है। रात-दिन धरने पर बैठे ये अभ्यर्थी बेहतर और पारदर्शी शिक्षा एवं भर्ती प्रणाली की मांग कर रहे हैं।
FAQs
JPSC आंदोलन क्यों हो रहा है?
छात्र JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की CBI जांच और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
छात्रों की मुख्य मांग क्या है?
JPSC PT परीक्षा रद्द करने, CBI जांच कराने और आयोग द्वारा पारदर्शी तरीके से भर्ती परीक्षाएं कराने की मांग।
299 अंक वाली छात्रा का मामला क्या है?
आंदोलन में शामिल एक छात्रा ने दावा किया है कि उसे PGT परीक्षा में 300 में से 299 अंक मिले, फिर भी उसका चयन नहीं हुआ। इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
आंदोलन कहां चल रहा है?
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के पास छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।









