सोशल संवाद / डेस्क : दिल्ली के अंदर भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार में हुए 650 करोड़ रुपए के दवा घोटाले के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। ‘‘आप’’ विधायक दल के चीफ व्हीप संजीव झा के नेतृत्च में सभी विधायकों ने ओआरएस पैकेट की माला पहन कर प्रदर्शन करते हुए रेखा गुप्ता सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा मांगा।

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‘‘आप’’ विधायकों ने इतने बड़े घोटाले पर सीएम रेखा गुप्ता की चुप्पी पर भी सवाल खड़ा किया। उधर, ‘‘आप’’ दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने विधायकों के प्रदर्शन का वीडियो एक्स पर साझा कर कहा कि एसीबी ने 650 करोड़ के स्वास्थ्य और दवा घोटाले का खुलासा करते हुए एफआईआर दर्ज की है। लेकिन मुख्य आरोपी को देश से बाहर भगा दिया गया है।
प्रदर्शन के दौरान बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने कहा कि विधानसभा का सत्र बिना प्रश्नकाल के हो रहा है, जिसका सीधा मतलब है कि सरकार की कोई जवाबदेही नहीं है। भाजपा की यह सरकार गरीबों की दवाओं के 650 करोड़ रुपए गटक गई है। ओआरएस को तीन से चार गुने रेट पर खरीदा गया है। स्वास्थ्य विभाग की एक भी मशीनरी ऐसी नहीं है जो चार से पांच गुने दाम पर न खरीदी गई हो।
इतना बड़ा घोटाला होने के बावजूद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता चुप हैं और स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया जा रहा है, जिससे साफ होता है कि इस पूरे घोटाले में सरकार की मिलीभगत है। अगर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा नहीं लेती हैं, तो यह साबित हो जाएगा कि पूरी सरकार इस भ्रष्टाचार में शामिल है। लक्ष्मी योजना भी एक छलावा है। इसमें 2400 यूनिट बिजली जैसी कई शर्तें लगा दी गई हैं, जिससे जरूरतमंद महिलाओं को कोई पैसा नहीं मिलने वाला।
वहीं, कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि रेखा गुप्ता सरकार ने पोर्टेबल एक्स-रे मशीन को तीन गुना, दवाइयों को चार गुना और ओआरएस के घोल को पांच गुने दाम पर खरीदा है। इस भ्रष्ट सरकार की वजह से आज दिल्ली के अस्पतालों का हाल बेहाल हो चुका है और दवाइयां गायब हैं। दिल्ली के लोगों को ना तो सस्ती दवाइयां मिल पा रही हैं और ना ही इलाज। यह अरविंद केजरीवाल की सरकार थी, जहां लोगों को सारी दवाइयां और टेस्ट मुफ्त मिलते थे। 650 करोड़ रुपए का घोटाला होने के बाद भी दिल्ली की मुख्यमंत्री चुप बैठी हैं और आज हम यहां स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा मांगने आए हैं।
इस दौरान तिलक नगर से विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि आज सरकार मुख्यमंत्री लक्ष्मी योजना लागू करने पर अपनी पीठ थपथपा रही है। 8 मार्च 2025 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि दिल्ली की सारी महिलाओं के खाते में 2500 रुपए आ जाएंगे, लेकिन उसका क्या हुआ?
सरकार ने इस योजना में इतनी शर्तें लगा दी हैं कि ज्यादातर महिलाएं इसके दायरे से बाहर हो गई हैं। अगर पहले ही बता देते कि 200 यूनिट से ज्यादा बिजली की खपत होने पर या परिवार में तीन से ज्यादा महिलाएं होने पर स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा, तो दिल्ली की जनता इनकी जमानतें जब्त करा देती। प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा ने एक बार फिर दिल्ली वालों के साथ वादाखिलाफी की है।
उधर, करोल बाग से विधायक विशेष रवि ने कहा कि भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में ओआरएस के घोल, एक्स-रे मशीन और अन्य मशीनरी की खरीद में 650 करोड़ रुपए का घोटाला किया है। इतना बड़ा घोटाला होने के बावजूद सरकार इस पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है। हमने सदन के अंदर चर्चा की मांग की थी, लेकिन स्पीकर साहब ने उसे अनुमति नहीं दी। इसलिए हमें सदन के बाहर यह प्रदर्शन करना पड़ रहा है। हमारी मांग है कि इस पूरे मामले की जांच सीबीआई और एसीबी से कराई जाए।









