सोशल संवाद/डेस्क:विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच बीजेपी ने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश और पंजाब के लिए नए प्रदेश प्रभारी नियुक्त किए हैं। यह फैसला बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम के ऐलान के एक दिन बाद आया है।

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बीजेपी ने विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया है। वहीं सतीश पूनिया को पंजाब की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यूपी में तावड़े के साथ जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी बनाया गया है।
यूपी में विनोद तावड़े के सामने बड़ी चुनौती
उत्तर प्रदेश बीजेपी के लिए सबसे अहम राज्यों में से एक है। ऐसे में चुनाव से पहले विनोद तावड़े को प्रदेश की जिम्मेदारी देना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तावड़े के सामने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार करने की चुनौती होगी। उनके साथ जगदीश पटेल भी संगठनात्मक कामकाज में सहयोग करेंगे।
बीजेपी की कोशिश यूपी में अपना मजबूत प्रदर्शन दोहराने की है। ऐसे में आने वाले महीनों में पार्टी की चुनावी रणनीति और जमीनी तैयारियों पर खास नजर रहेगी।
पंजाब में सतीश पूनिया संभालेंगे कमान
पंजाब में बीजेपी ने सतीश पूनिया को प्रदेश प्रभारी बनाया है। राज्य की राजनीति में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला रहा है। ऐसे में बीजेपी के सामने पंजाब में अपना संगठन और जनाधार मजबूत करने की बड़ी चुनौती है।
पूनिया को इसी दिशा में पार्टी की रणनीति तैयार करने और कार्यकर्ताओं को चुनावी मोर्चे पर सक्रिय करने की जिम्मेदारी मिलेगी।
नितिन नबीन की टीम के बाद पहला बड़ा फैसला
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने हाल ही में अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया था। इसके तुरंत बाद चुनावी राज्यों के लिए नए प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।
नई टीम में कई नए चेहरों को जगह दी गई है, जबकि कुछ अनुभवी नेताओं पर भी पार्टी ने भरोसा कायम रखा है। ऐसे में यूपी और पंजाब के लिए नई जिम्मेदारियां पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही हैं।
अब चुनावी तैयारी पर फोकस
उत्तर प्रदेश और पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने संगठन को सक्रिय करना शुरू कर दिया है। नए प्रभारियों की नियुक्ति के बाद अब दोनों राज्यों में पार्टी की बैठकों, संगठनात्मक गतिविधियों और जमीनी तैयारियों में तेजी आने की उम्मीद है।
फिलहाल सबसे ज्यादा नजर विनोद तावड़े और सतीश पूनिया की रणनीति पर रहेगी और यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों नेता अपने-अपने राज्यों में बीजेपी को चुनावी तौर पर कितना मजबूत कर पाते हैं।









