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जमशेदपुर की डिमना लेक को लाल किले से मिली राष्ट्रीय पहचान, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर हुआ खास सम्मान

By Riya Kumari

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जमशेदपुर की डिमना लेक को लाल किले से मिली राष्ट्रीय पहचान, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर हुआ खास सम्मान

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सोशल संवाद / डेस्क : जमशेदपुर की ऐतिहासिक डिमना लेक को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। दिल्ली के लाल किले में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान देश के प्रमुख और ऐतिहासिक जलाशयों के नाम पर दर्शक दीर्घाओं का नामकरण किया गया, जिसमें डिमना लेक को भी शामिल किया गया।

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जल संरक्षण की दूरदर्शी सोच का उदाहरण

डिमना लेक सिर्फ जमशेदपुर की पहचान ही नहीं, बल्कि शहर की जलापूर्ति व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। झारखंड पर्यटन के अनुसार, दलमा पहाड़ियों के बीच स्थित यह कृत्रिम झील जमशेदपुर शहर को पानी उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाती है।

डिमना लेक परियोजना की नींव करीब आठ दशक पहले भविष्य की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रखी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, निर्माण कार्य फरवरी 1940 में शुरू हुआ और अप्रैल 1944 से यहां से शहर को पानी की आपूर्ति शुरू हुई।

7500 मिलियन गैलन की जल भंडारण क्षमता

डिमना लेक की जल भंडारण क्षमता करीब 7500 मिलियन गैलन बताई जाती है। लंबे समय से यह जलाशय जमशेदपुर की जल जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ शहर की महत्वपूर्ण पर्यावरणीय धरोहर के रूप में भी मौजूद है।

पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र

डिमना लेक अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए भी प्रसिद्ध है। दलमा पहाड़ियों और हरियाली से घिरी यह झील जमशेदपुर से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां पर्यटक नौकायन, पिकनिक और विभिन्न जल गतिविधियों का आनंद लेते हैं।

लाल किले से मिली यह राष्ट्रीय पहचान जमशेदपुर के लिए गर्व का विषय है। साथ ही यह डिमना लेक के ऐतिहासिक महत्व और जल संरक्षण की दूरदर्शी सोच को देशभर में सामने लाने का अवसर भी है।

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