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मणिपुर में जनगणना स्थगित करने की कांग्रेस की मांग, सांसद अकोइजाम बोले- विस्थापितों के बीच सर्वे अन्याय

By Sanjana Das

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मणिपुर में जनगणना स्थगित करने की कांग्रेस की मांग, सांसद अकोइजाम बोले- विस्थापितों के बीच सर्वे अन्याय
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सोशल संवाद/नई दिल्ली : मणिपुर में जारी हिंसा और विस्थापन के बीच जनगणना को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से बड़ा सवाल किया है। कांग्रेस ने मांग की है कि मणिपुर में मौजूदा हालात को देखते हुए जनगणना प्रक्रिया को तत्काल स्थगित किया जाए।

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कांग्रेस का कहना है कि जब हजारों लोग अभी भी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं और कई गांव हिंसा में तबाह हो चुके हैं, तब घरों की सही लिस्टिंग और जनगणना कराना व्यावहारिक रूप से मुश्किल है। पार्टी ने इसे विस्थापित लोगों के साथ अन्याय भी बताया है।

60 हजार लोग अब भी बेघर: अकोइजाम

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कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इनर मणिपुर से लोकसभा सांसद प्रो. ए. बिमोल अकोइजाम ने कहा कि 3 मई 2023 से जारी हिंसा के कारण मणिपुर में अब भी करीब 60 हजार लोग बेघर हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो राहत शिविरों में रह रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि संघर्ष के दौरान 10 हजार से ज्यादा घर नष्ट हुए हैं और कई गांव पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। उनके मुताबिक, हिंसा का असर अब उन जिलों तक भी पहुंच गया है, जिन्हें पहले अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता था।

‘जनगणना रोकने नहीं, टालने की मांग’

अकोइजाम ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस जनगणना को पूरी तरह रोकने की मांग नहीं कर रही है। पार्टी केवल मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इसे स्थगित करने की मांग कर रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रभावित गांवों के हजारों लोग अपने घरों में नहीं रह रहे हैं और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं, तो ऐसे में घरों की नंबरिंग और हाउस लिस्टिंग किस तरह सही तरीके से की जा सकती है?

कांग्रेस सांसद के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में विस्थापित लोगों के बीच सटीक हाउस लिस्टिंग करना फिलहाल बेहद चुनौतीपूर्ण है।

अवैध प्रवासन को लेकर भी उठाए सवाल

अकोइजाम ने मणिपुर में कथित अवैध प्रवासन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दशकों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासन हुआ है और इस मुद्दे को भी गंभीरता से देखने की जरूरत है।

उन्होंने 2001 और 2011 की जनगणना के बाद से मणिपुर की जनसंख्या को लेकर मौजूद सवालों का जिक्र किया। उन्होंने बेंगलुरु की एक यूनिवर्सिटी और आईआईटी से जुड़े स्वतंत्र अध्ययनों का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रदेश में आबादी की वृद्धि को सामान्य जनसांख्यिकीय कारणों से पूरी तरह नहीं समझाया जा सकता।

NRC और फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल की मांग

कांग्रेस सांसद ने कहा कि नई जनगणना शुरू करने से पहले मणिपुर में जनसंख्या से जुड़े पुराने और अनसुलझे सवालों का समाधान किया जाना चाहिए।

उन्होंने प्रदेश में NRC प्रक्रिया शुरू करने और फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल गठित करने की मांग की, ताकि भारतीय नागरिकों और विदेशी नागरिकों की पहचान की जा सके।

अकोइजाम ने पड़ोसी म्यांमार के चिन राज्य और मणिपुर की आबादी के आंकड़ों का हवाला देते हुए भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मणिपुर के लोगों की मांग है कि अवैध प्रवासियों और विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए एक पारदर्शी और न्यायसंगत प्रक्रिया अपनाई जाए।

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