सोशल संवाद / डेस्क : भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने रेड-बॉल क्रिकेट को लेकर बड़ा बयान दिया है। आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले किशन ने कहा कि उन्हें टेस्ट और रेड-बॉल क्रिकेट खेलना बेहद पसंद है। उन्होंने माना कि लोगों को उनकी इस बात पर भरोसा नहीं होता, लेकिन वह इस फॉर्मेट को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं।

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दरअसल, दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की कप्तानी करते हुए ईशान किशन ने अपनी टीम को नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ पारी और 210 रन से बड़ी जीत दिलाई। इस मुकाबले के बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में वापसी की इच्छा भी जाहिर की। किशन ने कहा कि जो भी खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट खेल चुका है, वह इस फॉर्मेट की अहमियत समझता है और इससे खिलाड़ी के खेल में काफी सुधार होता है।
ईशान ने कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट में उन्हें गेंद के मूवमेंट, विपक्षी खिलाड़ियों की चुनौती और मैदान पर होने वाली प्रतिस्पर्धा पसंद है। उनके मुताबिक, सपाट पिच पर बल्लेबाजी करना आसान और मजेदार हो सकता है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में मिलने वाली चुनौती बिल्कुल अलग स्तर की होती है।
हालांकि, किशन ने यह भी स्वीकार किया कि अलग-अलग फॉर्मेट के बीच लगातार बदलाव करना आसान नहीं है। दलीप ट्रॉफी का यह मुकाबला करीब 10 महीने बाद उनका पहला रेड-बॉल मैच था। उन्होंने अपनी एक गलती का जिक्र करते हुए बताया कि सफेद गेंद वाले क्रिकेट की आदत के कारण वह एक गेंद पर गलत शॉट खेल बैठे और तुरंत उन्हें महसूस हुआ कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट की तरह कुछ गेंदों को छोड़ना चाहिए था।
टेस्ट टीम में वापसी पर क्या बोले किशन?
ईशान किशन ने साफ कहा कि वह दोबारा भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बनना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि फिलहाल ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, इसलिए वापसी की राह आसान नहीं है। किशन का कहना है कि उनका काम दूसरों के प्रदर्शन के बारे में सोचने के बजाय खुद को लगातार बेहतर बनाना है।
ईशान किशन ने भारत के लिए अब तक सिर्फ दो टेस्ट मैच खेले हैं और उनका आखिरी टेस्ट मुकाबला जुलाई 2023 में था। अब दलीप ट्रॉफी में रेड-बॉल क्रिकेट के जरिए वह एक बार फिर टेस्ट टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।









