सोशल संवाद/जमशेदपुर : बिरसानगर, बागुनहातु और आसपास के इलाकों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की उम्मीद बढ़ी है। मोहरदा जलापूर्ति योजना फेज-3 के तहत 67 करोड़ 36 लाख 42 हजार 900 रुपए की लागत से 50 एमएलडी क्षमता का नया इंटेक वेल बनाया जाएगा। नगर विकास विभाग ने मंगलवार को योजना को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी। इसके साथ लंबे समय से प्रस्तावित योजना के धरातल पर उतरने का रास्ता साफ हो गया है।

यह भी पढे : Jharkhand Liquor Scam: शराब घोटाले की CBI जांच की मांग पर हाई कोर्ट में सुनवाई, सरकार ने मांगा समय
बाद नया इंटेक वेल मोहरदा जलापूर्ति योजना के डब्ल्यूटीपी की क्षमता संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। योजना पूरी होने के पानी लेने, ट्रीटमेंट और आपूर्ति की क्षमता बढ़ेगी। इसका फायदा करीब एक लाख से अधिक आबादी को मिलने की उम्मीद है। उन इलाकों को राहत मिलेगी, जहां गर्मी में पानी की कमी, कम प्रेशर और नियमित आपूर्ति नहीं होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। प्रशासनिक स्वीकृति के बाद अब निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
पुरानी समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीदः
मोहरदा जलापूर्ति योजना से लंबे समय से बड़ी आबादी जुड़ी हुई है। योजना की क्षमता और जलस्रोत से पानी लेने की व्यवस्था को लेकर समय-समय पर समस्याएं सामने आती रही हैं। ऐसे में 50 एमएलडी का नया इंटेक वेल पूरी जलापूर्ति व्यवस्था की क्षमता बढ़ाने की महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे पानी लेने और डब्ल्यूटीपी तक पहुंचाने की क्षमता बढ़ेगी।
पानी घरों तक पहुंचाना चुनौती
नया इंटेक वेल बनने से पानी लेने और डब्ल्यूटीपी तक पहुंचाने की क्षमता बढ़ेगी। लेकिन इसका पूरा फायदा तभी मिलेगा, जब बढ़ी क्षमता का पानी वितरण नेटवर्क के जरिए घरों तक पहुंचे। इंटेक वेल के बाद पंपिंग, पाइपलाइन, जलाशय और वितरण नेटवर्क की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी। बिरसानगर-बागुनहातु के लोगों के लिए परियोजना की सफलता का पैमाना केवल निर्माण पूरा होना नहीं, बल्कि नल में रोज पर्याप्त और नियमित पानी पहुंचना होगा।









