सोशल संवाद / डेस्क : टाटा स्टील कर्मचारियों के वेज रिवीजन समझौते के बाद जारी हुई फिटमेंट स्लिप को लेकर टाटा वर्कर्स यूनियन के भीतर हलचल बढ़ गई है। कई कर्मचारियों ने स्लिप में दर्ज वेतन बढ़ोतरी और फिटमेंट की गणना को लेकर सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों की ओर से विभागीय कमेटी मेंबरों से लगातार जवाब मांगा जा रहा है, जिसके बाद अब कमेटी मेंबरों ने यूनियन नेतृत्व पर जल्द बैठक बुलाने का दबाव बढ़ा दिया है।

यह भी पढ़े :चीनी के बाद अब प्याज भी निकलने लगे आंसू, हो गया 60 रुपए प्रति किलो
कमेटी मेंबरों का कहना है कि कर्मचारियों को यह स्पष्ट होना चाहिए कि वेज रिवीजन का वास्तविक लाभ उन्हें कितना मिला और फिटमेंट की गणना किस आधार पर की गई। कुछ विभागों में कर्मचारियों ने दावा किया है कि फिटमेंट स्लिप में दिखाई गई रकम समझौते के दौरान बताई गई बढ़ोतरी से मेल नहीं खा रही है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने कर्मचारियों की स्लिप में कथित विसंगति है और वास्तविक समस्या क्या है। इस संबंध में यूनियन नेतृत्व की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
तीन महीने से नहीं हुई कमेटी मीटिंग
फिटमेंट स्लिप को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यूनियन की आम कमेटी बैठक नहीं होने को लेकर भी चर्चा तेज है। जानकारी के अनुसार पिछली कमेटी बैठक 29 मई को हुई थी। यूनियन संविधान के अनुसार प्रत्येक दो महीने में बैठक का प्रावधान बताया जाता है, लेकिन करीब तीन महीने बीतने के बाद भी अगली बैठक नहीं हुई है।
वहीं, यूनियन की फाइनांस कमेटी की बैठक 10 जुलाई को हुई थी। इसके बाद भी आम कमेटी बैठक को लेकर नेतृत्व की ओर से कोई स्पष्ट पहल सामने नहीं आई है। ऐसे में कमेटी मेंबरों के बीच भी बैठक जल्द बुलाने की मांग जोर पकड़ रही है।
2022 बैच के अप्रेंटिस कर्मचारियों ने किया घेराव
इधर, एमजीबी (मिनिमम गारंटीड बेनिफिट) का लाभ नहीं मिलने से नाराज 2022 बैच के अप्रेंटिस कर्मचारी मंगलवार को यूनियन कार्यालय पहुंचे। कर्मचारियों ने यूनियन अध्यक्ष का घेराव कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
कर्मचारियों का कहना है कि वेज रिवीजन समझौते के तहत जनवरी 2025 के बाद योगदान करने वाले कर्मचारियों को एमजीबी का लाभ नहीं मिल रहा है। इसको लेकर कर्मचारियों में असंतोष है और वे यूनियन नेतृत्व से स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल फिटमेंट स्लिप, एमजीबी और कमेटी बैठक को लेकर कर्मचारियों के सवालों के बीच टाटा वर्कर्स यूनियन के नेतृत्व पर दबाव बढ़ता दिख रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि अगली कमेटी बैठक में इन मुद्दों पर क्या स्पष्टीकरण सामने आता है।









