सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड में अवैध खनन और बालू के अवैध कारोबार पर कार्रवाई के बावजूद यह समस्या लगातार बनी हुई है। खनन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक राज्य में कार्रवाई के दौरान 1,32,551.43 टन बालू जब्त किया गया। वहीं, इसी अवधि में 82,320.67 टन पत्थर पकड़ा गया।

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वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती तीन महीनों में ही बालू और पत्थर की जब्ती का आंकड़ा 26,288.54 टन पहुंच गया। इनमें 17,296.28 टन बालू और 8,992.26 टन पत्थर शामिल है।
तीन महीने में पिछले साल की बालू जब्ती का 13 फीसदी
अप्रैल से जून 2026 के बीच जब्त हुई 17,296.28 टन बालू की मात्रा, पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 में पकड़ी गई बालू की मात्रा का करीब 13.05 फीसदी है। इसी तरह तीन महीनों में जब्त 8,992.26 टन पत्थर पिछले पूरे साल की जब्ती का करीब 11 फीसदी है।
बालू और पत्थर को मिलाकर देखें तो अप्रैल-जून 2026 में कुल 26,288.54 टन खनिज जब्त हुआ, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में पकड़े गए करीब 2.15 लाख टन खनिज का लगभग 12 फीसदी है।
बालू मामले में 3,347 वाहन जब्त, 834 FIR
खनन विभाग की 2025-26 की रिपोर्ट के अनुसार, बालू से जुड़े मामलों में 3,506 निरीक्षण किए गए। इस दौरान 3,347 वाहन जब्त किए गए और 834 प्राथमिकी दर्ज हुईं। बालू से जुड़े मामलों में करीब 5.17 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
वहीं, पत्थर के अवैध खनन और परिवहन के मामलों में 2,576 निरीक्षण किए गए। इस दौरान 1,300 वाहन जब्त हुए और 248 प्राथमिकी दर्ज की गईं। पत्थर से जुड़े मामलों में 7.34 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया।
तीन महीने में 1,000 से ज्यादा वाहन जब्त
अप्रैल से जून 2026 के दौरान बालू और पत्थर से जुड़े मामलों में 1,061 वाहन जब्त किए गए। इस अवधि में कुल 173 प्राथमिकी दर्ज हुईं और करीब 4.29 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले भी बड़ा है। वर्ष 2025-26 में बालू और पत्थर के मामलों में कुल 4,647 वाहन जब्त किए गए थे। यानी चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती तीन महीनों में ही पिछले पूरे साल की वाहन जब्ती का करीब 21 फीसदी हिस्सा दर्ज हो चुका है।
जमशेदपुर में सबसे ज्यादा बालू जब्त
वित्तीय वर्ष 2025-26 में बालू जब्ती के मामले में गुमला सबसे आगे रहा। यहां 24,115 टन बालू जब्त किया गया। इसके बाद खूंटी में 20,465 टन, जमशेदपुर में 14,637.60 टन और रांची में 6,910 टन बालू पकड़ा गया।
हालांकि, अप्रैल-जून 2026 के आंकड़ों में तस्वीर बदल गई। इस दौरान जमशेदपुर में 9,200.44 टन, चाईबासा में 4,206 टन और पलामू में 1,566.26 टन बालू जब्त किया गया।
इस तरह चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती तीन महीनों में जमशेदपुर बालू जब्ती के मामले में राज्य का प्रमुख जिला बनकर सामने आया है।
लातेहार में सबसे ज्यादा पत्थर जब्त
वित्तीय वर्ष 2025-26 में पत्थर की जब्ती के मामले में लातेहार सबसे आगे रहा। यहां 30,171.83 टन पत्थर जब्त किया गया। वहीं पलामू में 4,037.69 टन पत्थर पकड़ा गया।
अप्रैल-जून 2026 में राज्य में कुल 8,992.26 टन पत्थर जब्त किया गया।
रोक के बावजूद जारी है अवैध बालू कारोबार
आंकड़े बताते हैं कि झारखंड में अवैध खनन की कार्रवाई के दौरान बालू लगातार बड़ी चुनौती बना हुआ है। पिछले पूरे वित्तीय वर्ष में बालू की जब्ती पत्थर से करीब 50 हजार टन अधिक रही। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती तीन महीनों में भी बालू की जब्ती पत्थर से लगभग दोगुनी रही।
खास बात यह है कि राज्य में 10 जून से 15 अक्टूबर तक बालू खनन पर रोक रहती है। इसके बावजूद अप्रैल-जून 2026 के दौरान बड़ी मात्रा में बालू की जब्ती यह संकेत देती है कि रोक की अवधि में भी अवैध खनन और परिवहन पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है।









