सोशल संवाद/डेस्क : दवा कंपनी Cipla की पुणे यूनिट को लेकर महाराष्ट्र FDA ने बड़ी कार्रवाई की है। FDA ने वडकी स्थित कंपनी की C&F यूनिट के ड्रग सेल लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। यह कार्रवाई Reactin Plus टैबलेट से जुड़े कुछ नियमों के उल्लंघन के बाद की गई है।

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मामला जून में FDA की टीम की ओर से की गई जांच से जुड़ा है। अधिकारियों ने कंपनी के गोदाम का निरीक्षण किया था। इस दौरान Reactin Plus की पैकेजिंग को लेकर आपत्ति सामने आई। FDA के अनुसार, दवा की पैकिंग पर इसे दर्द और बुखार की दवा के तौर पर दर्शाया गया था, जबकि यह Schedule H के तहत आने वाली प्रिस्क्रिप्शन दवा है।
जांच में स्टॉक से जुड़ी गड़बड़ियां भी मिलीं
जांच के दौरान FDA ने करीब 11.19 लाख रुपये की Reactin Plus दवाएं जब्त की थीं। कंपनी को संबंधित स्टॉक वापस लेने के निर्देश भी दिए गए थे। FDA का कहना है कि रिकॉल से जुड़े निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ।
इसके अलावा अधिकारियों ने दवाओं के स्टॉक और स्टोरेज रिकॉर्ड की भी जांच की। जांच में कंप्यूटर रिकॉर्ड और गोदाम में मौजूद वास्तविक स्टॉक के बीच अंतर मिलने की बात सामने आई है। खरीद और बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड में भी कुछ कमियां बताई गई हैं।
इन गड़बड़ियों को लेकर FDA ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। कंपनी के जवाब की समीक्षा के बाद लाइसेंस रद्द करने का फैसला लिया गया।
Cipla ने कार्रवाई पर रखा अपना पक्ष
FDA की कार्रवाई के बाद Cipla ने भी अपना पक्ष रखा है। कंपनी का कहना है कि मामला फिलहाल कानूनी प्रक्रिया में है, इसलिए इस पर विस्तार से टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
कंपनी ने यह भी कहा है कि FDA के आदेश में उसकी दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा या प्रभावशीलता को लेकर कोई चिंता नहीं जताई गई है।
फिलहाल FDA का आदेश लागू है और मामले को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। अब इस मामले में अगला कदम क्या होता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।









