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Nepal Tunnel Rescue: 9 दिन बाद सुरंग से जिंदा निकले संजय शाह और कबीर महर्जन

By Tamishree Mukherjee

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Nepal Tunnel Rescue

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सोशल संवाद / डेस्क : नेपाल के त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में नौ दिनों तक फंसे रहने के बाद दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इस खबर के सामने आते ही दोनों के परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई। बचाए गए लोगों में संजय शाह और कबीर महर्जन शामिल हैं। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के जॉइंट मैनेजर सुरेश राउत ने दोनों मजदूरों के जीवित बचाए जाने की पुष्टि की है।

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9 दिन बाद मिली जिंदगी की खबर

त्रिशूली-3A जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे मजदूरों को लेकर कई दिनों से राहत और बचाव अभियान चल रहा था। सुरंग के अंदर मलबा जमा होने के कारण बचाव दल के सामने बड़ी चुनौती थी।

दसवें दिन दोनों मजदूरों के जिंदा पाए जाने की खबर ने बचाव अभियान में जुटे कर्मचारियों और सुरक्षाबलों में नई उम्मीद पैदा कर दी। नेपाल विद्युत प्राधिकरण की कर्मचारी शोभा पौडेल के मुताबिक, लंबे समय तक सुरंग में फंसे लोगों के जीवित मिलने की खबर सुनकर बचावकर्मी और कर्मचारी भावुक हो गए।

संजय शाह के पिता ने क्या कहा?

संजय शाह के पिता रामफल शाह ने बेटे के सुरक्षित बचने की खबर पर खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि परिवार के लिए यह पल बेहद भावुक है।

रामफल शाह के मुताबिक, जब उन्हें बेटे के जीवित होने की जानकारी मिली तो परिवार ने मोबाइल फोन पर उसकी तस्वीरें और वीडियो देखे। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वह अपने बेटे से दोबारा मिलने वाले हैं। उन्होंने बताया कि संजय की हालत को लेकर परिवार काफी चिंतित था और उसकी मां भी यह खबर सुनकर भावुक हो गईं। परिवार के कुछ सदस्य संजय से मिलने के लिए काठमांडू रवाना हो रहे हैं।

बचाए गए दोनों लोग कौन हैं?

नेपाल विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, सुरंग से सबसे पहले संजय शाह को बाहर निकाला गया। वह त्रिशूली-3A परियोजना में मैकेनिकल फोरमैन के तौर पर काम करते हैं। दूसरे व्यक्ति की पहचान कबीर महर्जन के रूप में हुई है, जो परियोजना में मैकेनिकल सुपरवाइजर हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बचाए जाने के बाद दोनों ने बचाव दल के प्रति आभार जताया।

बचाव दल को कैसे मिली उम्मीद की किरण?

इससे पहले नेपाल सेना के नेतृत्व में बचाव दल सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने में सफल हुआ था। बचाव अभियान में शामिल विशेषज्ञ और नेपाल के सांसद श्रीराम नेउपाने ने सोशल मीडिया के जरिए बताया था कि सुरंग के अंदर से एक से अधिक लोगों की आवाजें सुनाई दी थीं।

बचाव दल ने अंदर फंसे लोगों से कहा था कि वे घबराएं नहीं और उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। अंदर से भी जवाब मिलने की बात सामने आई थी। इस आवाज ने नौ दिनों से चल रहे बचाव अभियान में उम्मीद की नई किरण जगा दी थी।

मलबे के बीच आगे बढ़ रहे थे बचावकर्मी

नेपाल सेना के अनुसार, बचावकर्मी सुरंग के अंदर करीब 100 मीटर तक पहुंच गए थे। हालांकि, रास्ते में मौजूद मलबे के कारण टीम को बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ा। नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें संयुक्त रूप से बचाव अभियान में लगी थीं। सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए लगातार मलबा हटाने और सुरक्षित रास्ता बनाने का काम किया जा रहा था।

एक मजदूर को हेलीकॉप्टर से ले जाया गया

बचाव के बाद कम से कम एक व्यक्ति को नेपाल सेना के हेलीकॉप्टर से नुवाकोट के बत्तर ले जाने की जानकारी सामने आई है। वहां उसे आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। लंबे समय तक सुरंग के अंदर फंसे रहने के कारण दोनों मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच और निगरानी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नौ दिनों का इंतजार हुआ खत्म

त्रिशूली-3A परियोजना की सुरंग में फंसे मजदूरों को लेकर पिछले नौ दिनों से परिवार और बचाव दल चिंतित थे। सुरंग के अंदर से आवाज सुनाई देने के बाद बचाव अभियान को नई दिशा मिली और आखिरकार दोनों मजदूरों को जिंदा बचा लिया गया।

नौ दिनों तक सुरंग में फंसे रहने के बाद दोनों मजदूरों का सुरक्षित बाहर निकलना नेपाल के इस बचाव अभियान की सबसे बड़ी राहत की खबर है।

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