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Nepal Landslide: चौलानी नदी का बहाव रुका, भारी बारिश के बीच Flash Flood का खतरा

By Tamishree Mukherjee

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Nepal Landslide News

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सोशल संवाद / डेस्क : नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच एक और गंभीर खतरा सामने आया है। दार्चुला जिले में बड़े भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का बहाव आंशिक रूप से बाधित हो गया है। पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नदी में गिरने से भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया है, जिससे नदी का रास्ता संकरा हो गया है।

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प्रशासन को आशंका है कि यदि पहाड़ी क्षेत्र में दोबारा भूस्खलन हुआ और नदी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, तो ऊपर की ओर पानी जमा हो सकता है। बाद में यह पानी मलबे या चट्टानों की रुकावट को तोड़कर नीचे के इलाकों में अचानक तेज बाढ़ (Flash Flood) ला सकता है।

कहां हुआ भूस्खलन?

जानकारी के अनुसार, यह भूस्खलन नेपाल के दार्चुला जिले की अपी हिमाल ग्रामीण नगरपालिका के भट्टर इलाके में हुआ है। भूस्खलन के दौरान पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर चौलानी नदी में जा गिरा। इसके कारण नदी के सामान्य प्रवाह पर असर पड़ा और पानी के रास्ते में बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया। हालांकि, फिलहाल नदी का बहाव पूरी तरह बंद नहीं हुआ है और पानी अभी भी नदी के रास्ते से निकल रहा है।

क्यों बढ़ा फ्लैश फ्लड का खतरा?

चौलानी नदी के आसपास का पहाड़ी इलाका अभी भी अस्थिर बताया जा रहा है। ऐसे में यदि दोबारा बड़ा भूस्खलन होता है और भारी मात्रा में चट्टान व मलबा नदी में गिरता है, तो नदी का रास्ता पूरी तरह बंद हो सकता है।

ऐसी स्थिति में नदी के ऊपरी हिस्से में पानी तेजी से जमा होने लगेगा। पानी का दबाव बढ़ने पर मलबे और चट्टानों से बनी प्राकृतिक रुकावट अचानक टूट सकती है। इसके बाद बड़ी मात्रा में पानी और मलबा बेहद तेज गति से नीचे की ओर बह सकता है। यही स्थिति फ्लैश फ्लड यानी अचानक आने वाली बाढ़ का कारण बन सकती है।

फिलहाल नदी का जलस्तर सामान्य

सशस्त्र पुलिस बल के अनुसार, चौलानी नदी में फिलहाल पानी सामान्य स्तर पर बह रहा है। हालांकि, प्रशासन पहाड़ी क्षेत्र की अस्थिरता को देखते हुए लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि नया भूस्खलन होने की स्थिति में नदी का रास्ता पूरी तरह बंद हो सकता है। इससे नीचे की ओर बसे इलाकों के लिए खतरा अचानक बढ़ सकता है।

नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट

दार्चुला जिला प्रशासन ने चौलानी नदी के निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और जलस्तर या नदी के बहाव में किसी भी अचानक बदलाव की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर जाने के लिए तैयार रहें।

खतरे वाले इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई है। सुरक्षा बलों का काम स्थानीय लोगों को स्थिति की जानकारी देना और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करना है।

मुख्यमंत्री ने दिए सतर्क रहने के निर्देश

सुदूरपश्चिम के मुख्यमंत्री खगराज भट्ट ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से बाढ़ और आपदा से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में मदद के लिए संपर्क व्यवस्था भी सक्रिय की गई है।

नेपाल में पहले भी आई बड़ी फ्लैश फ्लड

इससे पहले नेपाल-तिब्बत सीमा के पास भीषण फ्लैश फ्लड की घटना सामने आई थी। इस आपदा ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी और 1200 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है। दार्चुला जिला उस प्रभावित क्षेत्र से करीब 500 किलोमीटर की हवाई दूरी पर बताया गया है। ऐसे में लगातार बारिश और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाओं के बीच चौलानी नदी को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

फिलहाल चौलानी नदी पूरी तरह अवरुद्ध नहीं हुई है और जलस्तर सामान्य बताया जा रहा है। इसके बावजूद प्रशासन ने लोगों को लापरवाही नहीं बरतने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के बाद नदी का रास्ता बाधित होना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। इसलिए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए समय रहते सतर्क रहना और सुरक्षित स्थान की पहचान करना बेहद जरूरी है।

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