सोशल संवाद / रांची : झारखंड के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की अदालत ने सुनवाई के दौरान केंद्र से झारखंड द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भेजे गए प्रस्ताव व उसमें बताई कमियों की स्पष्ट जानकारी मांगी है।

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सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि झारखंड के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र को 112.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। लेकिन, जांच में पाया गया कि झारखंड का प्रस्ताव पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडी) के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। केंद्र ने जानकारी उपलब्ध कराने के साथ प्रस्ताव में आवश्यक सुधार कर संशोधित प्रस्ताव मांगा है। सुनवाई के दौरान न्यायमित्र (एमिकस क्यूरी) वरीय अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने भी झारखंड में सीसीटीवी व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई। अदालत को बताया कि राज्य में इस दिशा में अभी अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है।
सीसीटीवी कैमरे लगाना महज औपचारिकता न हो :
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना महज औपचारिकता नहीं होनी चाहिए। कैमरे चालू हालत में रहें और उनकी निगरानी की प्रभावी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।









