सोशल संवाद/डेस्क : वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर गया जी के विष्णुपद मंदिर परिक्षेत्र को विकसित किया जाएगा। राज्य कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 2500 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 17 प्रस्तावों को मंजूरी मिली।
बैठक के बाद कैबिनेट सचिवालय के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि इस योजना के तहत विष्णुपद मंदिर परिसर का विकास, मल्टीलेबल कार पार्किंग, एलीवेटेड पथ, मनसरवा मानपुर ब्रिज और रैंप का निर्माण होगा। घाट का विकास, सीता कुंड, कैंटीन समेत अन्य नागरिक सुविधाओं का निर्माण और विकास भी होगा। योजना का कार्यान्वयन बिहार राज्य पथ विकास निगम करेगा।
गौर हो कि गया जी का विष्णुपद मंदिर का ऐतिहासिक, पौराणिक और धार्मिक महत्व है। पूरे वर्ष और खास तौर पर पितृपक्ष मेला के दौरान यहां लाखों की संख्या में देशी और विदेशी श्रद्धालु-पर्यटक पिंडदान के लिए आते हैं। योजना पूरी होने से गया जी की हजारों वर्षों पुरानी धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं, विशेषकर पिंडदान, तर्पण आदि अनुष्ठानों को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी। राज्य की जेलों की खाली जमीन पर पेट्रोल पंप खोले जायेंगे। राज्य कैबिनेट ने मंगलवार की बैठक में इसकी स्वीकृति दी।
सोन और फल्गु नदी जुड़ेगी 996 करोड़ रुपये स्वीकृत
सोन और फल्गु नदी को जोड़ने के लिए राज्य कैबिनेट ने 996 करोड़ पांच लाख रुपये की स्वीकृति दी है। सोन नद का पानी उत्तर कोयल नहर के जरिए फल्गु नदी तक पहुंचाया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत इंद्रपुरी बराज से करीब 23 किलोमीटर अप स्ट्रीम में एक इनटेक वेल का निर्माण होगा। इसके माध्यम 21 से सोन नदी से आवश्यक मात्रा में जल लेकर 11 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन के माध्यम से उत्तर कोयल मुख्य नहर के लगभग 32.77 किमी बिंदु पर प्रवाहित किया जाएगा। इसके बाद सोन नदी का पानी उत्तर कोयल दायां मुख्य नहर के माध्यम से स्वतः प्रवाहित होते हुए अंतिम छोर तक जाएगा। उत्तर कोयल मुख्य नहर के अंतिम छोर से अतिरिक्त जल को मोरहर नदी में एस्केप चैनल के माध्यम से जोड़ा जाएगा।
पांच मेडिकल कॉलेजों में 336 प्राध्यापकों की नियुक्ति होगी पटना। कैबिनेट ने राज्य के पांच चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पतालों में सहायक प्राध्यापक के 366 संविदा पदों के सृजन की स्वीकृति दी है। इन संस्थानों में बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा और समस्तीपुर स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल शामिल हैं। उक्त संस्थानों में जबतक नियमित नियुक्ति नहीं होती है, तबतक के लिए संविदा आधारित 366 पदों पर नियोजन होगा। इससे चिकित्सा महाविद्यालयों में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मानकों के अनुरूप चिकित्सक शिक्षक की उपलब्धता सुनिश्चित हो पाएगी।










