सोशल संवाद / रांची : झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और वर्तमान में तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की अनुशंसा की गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 सितंबर 2026 को हुई बैठक में उनके नाम की सिफारिश की। हालांकि, अभी यह औपचारिक नियुक्ति नहीं है। अनुशंसा के बाद निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होगी।
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तीन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की अनुशंसा
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए तीन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के नामों की अनुशंसा की है। इनमें गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह शामिल हैं।
झारखंड हाईकोर्ट से रहा है गहरा जुड़ाव
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह का पैरेंट हाईकोर्ट झारखंड हाईकोर्ट है। उन्हें 24 जनवरी 2012 को झारखंड हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इसके बाद 16 जनवरी 2014 को वे स्थायी न्यायाधीश बने। उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में लंबे समय तक न्यायिक जिम्मेदारी निभाई।
दिसंबर 2022 से फरवरी 2023 तक उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली थी।
त्रिपुरा और तेलंगाना हाईकोर्ट में भी संभाली जिम्मेदारी
झारखंड हाईकोर्ट के बाद जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को अप्रैल 2023 में त्रिपुरा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया। इसके बाद वे जुलाई 2025 में तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद पर पहुंचे। वर्तमान में वे इसी पद पर कार्यरत हैं।
अभी नियुक्ति की प्रक्रिया बाकी
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद अब नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यानी फिलहाल जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया जाना बाकी है। कॉलेजियम के प्रस्ताव में नियुक्ति या पदभार ग्रहण करने की तारीख नहीं बताई गई है।











